नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद शशिकांत सेंथिल ने कहा है कि भारत मंडपम एआई समिट में भारतीय युवा कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन पूरी तरह लोकतांत्रिक और मुद्दा आधारित था और वह कोई व्यवधान नहीं, बल्कि बेरोज़गारी तथा अन्य संकटों से जूझ रहे करोड़ों युवाओं की आवाज़ था।
सेंथिल ने सोमवार को कांग्रेस मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि युवा कांग्रेस का प्रदर्शन शांतिपूर्ण और वैश्विक लोकतांत्रिक मानकों के अनुरूप था, लेकिन सरकार ने दमन का रास्ता चुना है। चार युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में भी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु को पूछताछ के लिए हिरासत में लेने और कई स्थानों पर छापेमारी की भी जानकारी मिल रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में बार-बार बहस की मांग के बावजूद मोदी सरकार ने चुप्पी साध रखी है। प्रधानमंत्री द्वारा देश के डेटा को बेचने वाली समझौते की बात युवाओं को सच्चाई दिख रही है। सेंथिल ने कहा कि समझौता कर चुके प्रधानमंत्री जैसे एक वाक्य से सरकार घबरा गई है।
सोशल मीडिया की निगरानी, पोस्टर जब्ती और प्रिंटिंग प्रेस पर छापों को उन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। उन्होंने कहा कि देश के युवा यूथ कांग्रेस के साथ खड़े हैं और यह पूरा घटनाक्रम अब जनता के सामने पारदर्शी है। इस मौके पर कांग्रेस सांसद हरीश चंद्र मीणा, सांसद कैप्टन विरियातो फर्नांडीस, सांसद वरूण चौधरी, सांसद श्रेयस एम पटेल और कांग्रेस राज्यसभा सांसद अनिल कुमार यादव भी मौजूद रहे।



