जयपुर। राजस्थान के कृषि मंत्री डाॅ किरोडी लाल मीणा ने राज्य सरकार को किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध बताते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं कृषक आदान-अनुदान योजनाओं के तहत देय राशि में किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
डॉ मीणा मंगलवार को यहां प्रदेश के विभिन्न किसान संघों एवं संगठनों के प्रतिनिधियों से संवाद के दौरान यह बात कही। उन्होंने किसान संगठनों द्वारा बीमा कंपनियों के संबंध में की गई शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कंपनियों से स्पष्टीकरण मांगने तथा लंबित क्लेम प्रकरणों पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, कृषक आदान-अनुदान, नवीन बीज विधेयक, पेस्टीसाइड्स मैनेजमेंट बिल सहित कृषि एवं उद्यानिकी विभाग से संबंधित योजनाओं तथा बजट घोषणाओं पर चर्चा की गई।
उन्होंने कहा कि किसान संगठनों से प्राप्त सुझावों के आधार पर योजनाओं को और अधिक किसान हितैषी बनाया जाएगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि फसल बीमा एवं आदान-अनुदान से संबंधित प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाया जाए। संवाद के दौरान उन्होंने विभिन्न जिलों में लंबे समय से लंबित प्रकरणों की जानकारी ली और उन्हें शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिए।
किसानों द्वारा खेतों में जंगली सूअरो एवं निराश्रित पशुओं से होने वाले नुकसान की शिकायत के संबंध में कृषि मंत्री ने बताया कि इस विषय में केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। साथ ही, तारबंदी योजना में आवश्यक संशोधन के लिए भी कार्य प्रस्तावित है। उन्होंने फसलों में हुए नुकसान के सर्वे कार्य को समय पर पूर्ण कर किसानों को शीघ्र सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रदेश के किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज एवं खाद का समय बाद रूप से वितरण सुनिश्चित किया जाए एवं इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही की शिकायत प्राप्त होने पर आवश्यक कार्यवाही की जाए। इस अवसर पर किसान संघों एवं संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याएं, सुझाव एवं अपेक्षाएं रखीं, जिन पर कृषि मंत्री ने गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।



