अजमेर के वैशाली नगर में विराट हिंदू सम्मेलन के मौके पर निकाला भव्य कलश यात्रा

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अजमेर। विराट हिंदू समाज की ओर से रविवार को केशव बस्ती वैशाली नगर के तत्वावधान में विराट हिंदू सम्मेलन के उपलक्ष्य में भव्य कलश यात्रा निकाली गई साथ ही संत आशीर्वचन के साथ दो दिवसीय आयोजन संपन्न हुआ।

प्रवक्ता प्रकाश जेठरा नें बताया कि सुबह 9 से भव्य कलश यात्रा भूलेश्वर मंदिर से प्रारंभ होकर वैशाली नगर के विभिन्न मार्गो से होती हुई दीनदयाल पार्क पहुंची। कलश यात्रा का वैशाली नगर में जगह-जगह स्वागत द्वार लगाकर और पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। चौराहों पर युवतियों ने खड्ग के साथ प्रदर्शनक किया। शोभायात्रा के आगे दो घोड़ों पर लक्ष्मी बाई और अहिल्या बाई तलवार लिए युवतियां चल रही थीं।


मुख्य अतिथि एवं हरी शेवाधाम सनातन उदासीन आश्रम भीलवाड़ा के महामंडलेश्वर हंसाराम उदासीन ने कहा कि हिंदू बंटेगा तो देश कटेगा। हिन्दू जाति में नहीं बंटें। एक रहोगे तो नेक रहोगे नेक रहोगे तो सेफ रहोगे। विशिष्ट अतिथि एवं रामसखा आश्रम पुष्कर के महामंडलेश्वर नंदराम शरण दास ने कहा कि परिवार के सनातन संस्कारों से दृढ़ निश्चय बनेंगे तो एक संगठित समाज और संगठित राष्ट्र का निर्माण हो सकता है।

मुख्यवक्ता सुनील दत्त जैन ने कहा कि संघ शताब्दी यानी 100 वर्षों की साधना का सार यह है कि संघ ने केवल एक संगठन नहीं बनाया, बल्कि समाज का चरित्र गढ़ने का प्रयास किया है। महिला वक्ता डा. तनु पालीवाल ने कहा कि कुटुम्ब प्रबोधन आवश्यक है। भारत में परिवार विवाह संस्कार है एग्रीमेन्ट नहीं है और यही बात अब पूरी दुनिया में प्रचलित हो रही है।

कार्यक्रम में ईश्वर मनोहर उदासीन आश्रम के महंत स्वामी स्वरूपदास, संत कंवर राम कॉलोनी के महंत स्वामी ईश्वर दास, झूला मोहल्ला स्थित निर्मल धाम उदासीन आश्रम के स्वामी आत्मदास, अजय नगर स्थित विश्व धाम दरबार के संत अर्जुनदास, नगीना बाग़ जतोई दरबार के भाई फतनदास, प्रेम प्रकाश आश्रम आदर्श नगर के भाई नारायणदास उपस्थित रहे। कार्यक्रम में अध्यक्ष गोवर्धन दास मोतियानी ने सभी संतों का माला पहनाकर व शॉल ओढाकर स्वागत सम्मान किया। समिति उपाध्यक्ष दीपेंद्र लालवानी ने आभार जताया।

दोपहर एक बजे से भोजन प्रसादी का आयोजन किया गया जिसमें सैकड़ों लोगों ने प्रसादी ग्रहण की। शाम 4 बजे से सुरसंगम संस्था ने एक शाम शहीदों के नाम कार्यक्रम में देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन दयाल प्रियानी एवं प्रदीप शर्मा ने किया।

कार्यक्रम में राजेंद्र लालवानी, प्रदीप अजवानी, ओमप्रकाश छुगानी, राजा सोनी, प्रकाश जेठरा, सत्येंद्र शर्मा, जयप्रकाश मांघानी, निर्माण भारती, रामनिवास वैष्णव, मोटूमल, ओम प्रकाश शर्मा, सुरेंद्र आसुदानी, अशोक पंसारी, किशन लाल बाकलीवाल, तरुण सुखरानी संजय सेन, विकास लालवानी, अतुल मालू, साजन कोडवानी, मंजू लालवानी, दीपिका मित्तल, दीपा सारस्वत, आशा कोरानी, उषा शर्मा, वर्षा लालवानी, पूजा पिंजानी समेत सैकड़ों संख्या में धर्मप्रेमी मौजूद रहे।