4 बच्चों के हत्यारे के साथ विवाह बंधन में बंधेगी प्रिया सेठ

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जयपुर/अलवर/पाली। राजस्थान में अलवर जिले के बड़ौदा मेव कस्बे में इन दिनों एक शादी काफी चर्चित हो रही है। कस्बे के होली चौक मोहल्ले में उम्र कैद की सजा काट रहे प्रिया सेठ एवं हनुमान प्रसाद आज विवाह बंधन में बंधेंगे। यह घर हनुमान प्रसाद का है। उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद दोनों को पैरोल मिली है।

उन दोनों का विवाह चर्चा में आने का मुख्य कारण यह है कि दोनों ही हत्या के मामले में उम्र कैद की सजा काट रहे हैं। हनुमान प्रसाद एक व्यक्ति और उसके चार बच्चों की हत्या करने के मामले में उम्र कैद की सजा भुगत रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पाली जिले की रहने वाली प्रिया सेठ ने अपने प्रेमी दीक्षांत कामरा का कर्ज उतारने के लिए झोटवाड़ा के रहने वाले दुष्यंत शर्मा को डेटिंग ऐप के जरिए प्रेमजाल में फंसाया था। साजिश के तहत दो मई 2018 को उसने दुष्यंत को मिलने के लिए बुलाया और अपने बजाज नगर स्थित फ्लैट पर ले गई। फ्लैट पर योजना के अनुसार उसका प्रेमी दीक्षांत एवं उसका साथी लक्ष्य वालिया पहले से उनका इंतजार कर रहे थे।

तीनों ने दुष्यंत को बंधक बना लिया और उसके पिता से 10 लाख की फिरौती मांगी। पिता ने तीन लाख रुपए दुष्यंत के खाते में जमा करवा दिए। इसके बाद दुष्यंत को छोड़ने पर पकड़े जाने के डर से तीनों ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। दुष्यंत की पहचान छिपाने के लिए उसके चेहरे को क्षत-विक्षत कर दिया और उसका शव एक सूटकेस में बंद करके आमेर की पहाड़ियों में फेंक दिया।

मृतक दुष्यंत के पिता के आमेर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने पर पुलिस ने तीन मई, 2018 को दुष्यंत का शव बरामद किया था। पुलिस ने जल्द ही मामले का पर्दाफाश करके चार मई को प्रिया, दीक्षांत एवं लक्ष्य वालिया को गिरफ्तार कर लिया था।

पाली निवासी प्रिया सेठ एक पढ़े-लिखे एवं शिक्षित परिवार से थी। उसके दादा प्रधानाचार्य रहे थे, जबकि पिता महाविद्यालय में व्याख्याता थे। उसकी मां सरकारी विद्यालय में शिक्षिका रहीं थी। दसवीं और बाहरवीं कक्षा में अच्छे अंक लाने के आधार पर माता-पिता ने उसे आगे की पढ़ाई के लिए जयपुर भेजा था। वहीं से वह गलत राह पर चली गई।

जयपुर में प्रिया अपने एक रिश्तेदार के घर पर रहकर पढ़ रही थी, लेकिन वह गलत संगत में पड़ गई तो वह एक पेइंग गेस्ट हाउस में रहने लगी थी। महंगे शौक पूरा करने के लिए उसने युवकों को अपने जाल में फांसना शुरू किया और बाकायदा एक वेबसाइट बनाकर रुपए ऐंठने लगी थी।

इसी दौरान प्रिया की दोस्ती श्रीगंगानगर निवासी एवं मुंबई में मॉडलिंग करने वाले दीक्षांत कामरा से हो गई और दोनों जयपुर में लिव इन में रहने लगे। मृतक दुष्यंत ने प्रिया सेठ से एक डेटिंग एप के जरिए मुलाकात की थी और उसने स्वयं को दिल्ली का रहने वाला बताया था। प्रिया के सामने उसने स्वयं को करोड़पति बताया था। इससे प्रभावित होकर प्रिया ने उससे बड़ी रकम ऐंठने की योजना बनाई थी।

उसने अपनी योजना में कर्ज में डूबे अपने प्रेमी दीक्षांत और उसके दोस्त को भी शामिल कर लिया था। अंतत: तीनों ने दुष्यंत की हत्या कर दी थी। चौबीस मई 2024 को जयपुर की अदालत ने प्रिया सेठ, दीक्षांत और लक्ष्य वालिया को हत्या का दोषी मानकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। आरोपी लक्ष्य वालिया के पिता का देहांत हो चुका है और वह अपनी मां की इकलौती संतान है।

दूल्हा बनने जा रहे हनुमान प्रसाद ने दो अक्टूबर 2017 को शिवाजी पार्क में ताइक्वांडो खिलाड़ी संतोष शर्मा के पति बनवारी लाल और उसके चार बच्चों की हत्या की थी। नींद की गोलियों से बेहोश करके चाकू से गला रेत दिया था।
हत्या करने के बाद बड़ौदा मेव निवासी हनुमान ट्रेन से उदयपुर भाग गया था। उस वक्त वह शारीरिक शिक्षक की तैयारी कर रहा था। पुलिस ने उसको दो दिन बाद गिरफ्तार कर लिया था। उस दौरान जांच में सामने आया था कि संतोष और हनुमान के बीच प्रेम संबंध थे।

संतोष उस समय हनुमान से 10 वर्ष बड़ी थी और दोनों ही ताइक्वांडो जानते थे। तभी वह उसके संपर्क में आई थी। उस वक्त प्रेम इतना परवान चढ़ा कि दोनों ने शादी करने का मन भी बना लिया था। इसके लिई संतोष ने अपने पति और बच्चों को ठिकाने लगाने के लिए हनुमान को तैयार किया था।

प्रिया सेठ जहां 33 वर्ष की है, वहीं हनुमान प्रसाद 32 वर्ष का है। दोनों की शादी का बाकायदा कार्ड छपा है। जयपुर की खुली जेल में सजा भुगत रहे हनुमान प्रसाद और प्रिया सेठ के बीच नजदीकियां बढ़ी। दोनों के बीच प्रेम हुआ और बताया जा रहा है कि दोनों करीब छह महीने से रिश्ते में हैं। अब वे शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। यह शादी राज्य में चर्चा का विषय बनी हुई है।