चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत आयोजित अंत्योदय मेले आशाओं, अवसरों और आत्मनिर्भरता के प्रतीक हैं। इन मेलों का उद्देश्य विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, ताकि कोई भी गरीब या जरूरतमंद सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे।
मुख्यमंत्री ने रविवार को कुरुक्षेत्र के लाडवा स्थित आईजीएन कॉलेज में आयोजित अंत्योदय मेले का उद्घाटन करते हुए कहा कि एक ही मंच पर 19 विभागों की 47 योजनाओं का लाभ पात्र लोगों को उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया और गोबिंदपुरा निवासी ताराचंद को पीएम स्ट्रीट वेंडर योजना के तहत स्वीकृति पत्र भी सौंपा।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों को स्वरोजगार, कौशल विकास, रोजगार, वित्तीय समावेशन और सामाजिक कल्याण योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि अंत्योदय केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की उस भावना का प्रतीक है, जिसमें सभी के कल्याण की कामना की जाती है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 166 स्थानों पर अंत्योदय मेलों का आयोजन किया जा चुका है। इन मेलों के लिए 4.24 लाख से अधिक परिवारों को आमंत्रित किया गया, जिनमें से 1.88 लाख से अधिक परिवारों ने भाग लिया। अब तक 55,422 पात्र लाभार्थियों को आजीविका से जुड़े लाभ उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवार पहचान पत्र से सरकारी योजनाओं को जोड़ने के बाद ऑटो मोड के माध्यम से करीब 40 लाख परिवारों के बीपीएल कार्ड बनाए गए हैं। आयुष्मान भारत-चिरायु योजना के तहत लगभग 30 लाख लोगों का 4,314 करोड़ रुपये की लागत से मुफ्त इलाज कराया जा चुका है। साथ ही सभी सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में किडनी रोगियों के लिए मुफ्त डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत अब तक 3.85 लाख बेटियों की शादी के लिए 1,523 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है। वहीं, लगभग 14.43 लाख गरीब परिवारों को हर महीने 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि प्रदेश का कोई भी गरीब परिवार विकास और सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।



