जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के पत्थरों की विशिष्टता काे विश्व पटल पर अनूठी पहचान बताया है और कहा है कि इस उद्योग को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है और अब इसे देश में सिरमौर बनाया जाएगा।
शर्मा गुरुवार को जयपुर के जेईसीसी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी इंडिया स्टोन मार्ट-2026 के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देशभर के अनेक प्रतिष्ठित संस्थानों, किलों, महलों में राजस्थान का पत्थर उपयोग में लाया गया है और अब प्रदेश का यह पत्थर उद्योग नयी ऊंचाइयां छूने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने सभी उद्यमियों से प्रदेश में मिलकर पत्थर उद्योग को देश में सिरमौर बनाने की अपील भी की।
उन्होंने सीडॉस, रीको और लघु उद्योग भारती को इस भव्य आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि इंडिया स्टोनमार्ट प्रदर्शनी नए राजस्थान के संकल्प का प्रतीक है। यह आयोजन भारतीय प्राकृतिक पत्थर उद्योग की शक्ति और सामर्थ्य को प्रदर्शित करने का एक वैश्विक मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि इस स्टोन मार्ट का पहली बार 26 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं में वेबसाइट निर्माण, डिजिटल मोबाइल एप्लीकेशन तथा विशाल क्षेत्र में प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी और कुशल नेतृत्व में आज भारत वैश्विक विनिर्माण का केंद्र बनकर उभर रहा है। ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की महत्वाकांक्षी परिकल्पना ने उद्योगों को नयी दिशा और नया विश्वास दिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय ग्रेनाइट, संगमरमर और सैंडस्टोन दुनियाभर में प्रसिद्ध है। भारत पत्थर निर्यातक के साथ मूल्य संवर्धन और नवाचार का केंद्र भी बन रहा है। हमारी कंपनियां वैश्विक संस्थानों के रूप में तेजी से उभर रही हैं। यह हमारे उद्योग के लिए तेज गति से बढ़ने का सुनहरा अवसर है।
शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने पत्थर उद्योग सहित सभी प्रकार के उद्योगों के लिए निवेश-अनुकूल और नीति-स्थिर वातावरण तैयार करने का काम किया है। सिंगल विंडो सिस्टम, औद्योगिक बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण, लॉजिस्टिक्स में सुधार, प्रक्रियाओं का सरलीकरण जैसे नवाचारों से उद्यमी बिना परेशानी के यहां आसानी से स्वयं का उद्यम स्थापित कर सकता है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने अनेक नीतियां लागू की हैं, जिससे निवेश करना आसान हुआ है और आर्थिक विकास, नवाचार एवं रोजगार सृजन के भी कई नए मार्ग खुले हैं।
उन्होंने कहा कि राइजिंग राजस्थान इनवेस्टमेंट समिट के तहत किए गए 35 लाख करोड़ के एमओयू में से 8 लाख करोड़ के कार्य शुरू हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य में विपुल खनिज संपदा है यहां कुल 85 तरह के खनिज उपलब्ध हैं। मकराना का संगमरमर, किशनगढ़ का मार्बल सहित राजसमंद, जालौर, उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा के पत्थर दुनियाभर में प्रसिद्व हैं। राजस्थान के पास न केवल समृद्ध संसाधन हैं, बल्कि सदियों पुरानी शिल्पकला की परंपरा भी है। साथ ही हमारे कारीगरों की कला विश्वविख्यात है। हमारे पत्थर को पर्यावरण के अनुकूल, टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण निर्माण सामग्री के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्वीकृति मिल रही है।
उन्होंने कहा कि उद्योग की असली ताकत हमारे कुशल कारीगर और मेहनतकश श्रमिक हैं। उनके हाथों की कारीगरी ही साधारण पत्थर को अद्भुत कला में बदलती है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के लिए श्रमिकों की सुरक्षा एवं सम्मान सर्वाेच्च प्राथमिकता है। साथ ही, श्रमिकों के लिए आधुनिक सुरक्षा उपकरण, कौशल प्रशिक्षण, बेहतर काम का माहौल और उचित मजदूरी सुनिश्चित की जा रही है।
शर्मा ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय उद्योगों के लिए कोई स्पष्ट नीति नहीं थी, जिससे उद्योगपति दूसरे राज्यों की तरफ पलायन करने लगे थे तथा युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी कम हो गए थे, लेकिन हमारी सरकार द्वारा प्रत्येक कार्य निष्पक्षता और पारदर्शिता से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प है कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वर्ष 2030 तक 350 बिलियन डॉलर इकॉनोमी बनाया जाए।
इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि श्री शर्मा के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार पत्थर उद्योग को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर है। राज्य सरकार द्वारा निवेश परक नयी नीतियों, सिंगल विंडो क्लियरेंस, प्रक्रियाओं का सरलीकरण सहित विभिन्न नवाचारों के माध्यम से उद्यमियों को राहत दी जा रही है। उन्होंने कहा कि यह इंडिया स्टोनमार्ट प्रदेश के पत्थर से जुड़े उद्यमियों को वैश्विक पटल पर आगे ले जाने के लिए सहायक सिद्ध होगा।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्टोन क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले श्रीराम मेगा स्ट्रक्चर के निदेशक अनिल चौधरी तथा एवर शाइन मार्बल्स के प्रबंध निदेशक मुकेश चंद्र अग्रवाल को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने इंडिया स्टोनमार्ट 2026 प्रदर्शनी का फीता खोलकर उद्घाटन किया एवं स्टॉल्स का अवलोकन किया।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, मुख्य सचिव वी श्रीनिवास, लघु उद्योग भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री प्रकाशचंद, आरके मार्बल्स के चैयरमेन अशोक पाटनी, ईरान और टर्की के प्रतिनिधि, सहित लघु उद्योग भारती के वरिष्ठ पदाधिकारी, रीको एवं सीडॉस के अधिकारी, बड़ी संख्या में उद्यमी, वास्तुकार एवं श्रमिक मौजूद थे।




