सनातन मंगल महोत्सव के साक्षी बनने वाले भीलवाड़ावासी भाग्यशाली : पीठाधीश्वर राजेन्द्रदास महाराज

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गौसेवा ओर गौरक्षा हर सनातनी का कर्तव्य, प्रतिदिन गौपूजा करना नहीं भूले
श्रीमद्भागवत कथा में कृष्ण बाललीला प्रसंग संग सजी छप्पन भोग की झांकी
भीलवाड़ा। हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर भीलवाड़ा के तत्वावधान में आठ दिवसीय सनातन मंगल महोत्सव एवं दीक्षा दान समारोह के पांचवे दिन सोमवार को श्री रैवासा वृन्दावन धाम के श्री अग्रपीठाधीश्वर मूलकपीठाधीश्वर स्वामी श्री राजेन्द्रदास देवाचार्य महाराज का सान्निनिध्य प्राप्त हुआ।

उन्होंने व्यास पीठ पर विराजित श्रीधाम वृन्दावन के कथा व्यास डॉ. श्यामसुन्दर पाराशर का अभिनंदन करते हुए श्रीमद भागवत महापुराण कथा श्रवण किया। कथा में श्रीकृष्ण बाल लीला, गोवर्धन पूजा प्रसंग का वाचन किया गया एवं छप्पन भोग की झांकी सजाई गई।

स्वामी श्री राजेन्द्रदास देवाचार्य महाराज का हरि शेवा उदासीन आश्रम पहुंचने पर महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन महाराज, महंत स्वरुपदास, महंत हनुमानराम उदासीन सहित अन्य संत महात्माओं के साथ सनातन सेवा समिति एवं हंसगंगा हरि शेवा भक्त मण्डल के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने स्वागत किया।

राजेन्द्रदास देवाचार्य महाराज ने सनातन मंगल महोत्सव के तहत हो रहे विभिन्न अनुष्ठानों के प्रति मंगलभावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि भगवान का नाम, रूप, लीला ओर धाम ये चारों सच्चिदानंद स्वरूप है। भगवान की प्राप्ति ओर भगवान की कथा की प्राप्ति में कोई भेद नहीं है। भगवान की प्राप्ति से हमें आवागमन के चक्र से मुक्त होकर प्रभु चरणों में समर्पित हो जाते हैं ओर यहीं फल भगवान की कथा सुनने वाले को भी मिलता है। भीलवाड़ावासी भाग्यशाली है जो ऐसी कथा सुनने का अवसर मिल रहा है।

महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन ने उनका स्वागत करते हुए कहा कि आपके प्रथम बार आगमन से मन की मुराद पूर्ण हो गई। आयोजन के उद्देश्य एवं इस आठ दिवसीय आयोजन के तहत हो रहे विविध धार्मिक अनुष्ठानों व आयोजनों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि कलिकाल में इससे बड़ा उत्सव नहीं हो सकता। उन्होंने सनातन मंगल महोत्सव के अंतिम दिन दीक्षा ग्रहण करने जा रहे दीक्षार्थी इन्द्रदेव, सिद्धार्थ एवं कुनाल का परिचय राजेन्द्रदास महाराज से कराया एवं तीनों दीक्षार्थियों ने उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया।

सनातन मंगल महोत्सव में मंगलवार को उदासीन कार्ष्णि पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी गुरूशरणानंद महाराज रमणरेती गोकुल वन मथुरा का सान्निध्य प्राप्त होगा। इस दौरान मंच पर पठानकोट से आए महामंडलेश्वर स्वामी शरणानंद महाराज एवं पंचमुखी दरबार भीलवाड़ा के महन्त लक्ष्मणदास त्यागी का भी सान्निध्य मिला।

कथा व्यास डॉ. श्यामसुन्दर पाराशर ने कहा कि जब तक जीवन में प्रबल पुरूषार्थ किए बिना भगवान की कृपा प्राप्त नहीं हो सकती। कभी भी अपने कर्तव्य से विमुख नहीं होना चाहिए। जो कर्तव्यनिष्ठ होते है उनका साथ भगवान देते है। कर्म हम करते है ओर कृपा हरि करते है। संतों का श्राप भी कल्याणकारी होता है क्योंकि ऐसा कोई प्रसंग नहीं मिलता जिसे संतों ने श्राप दिया हो उसे परमात्मा की प्राप्ति नहीं हुई हो।

उन्होंने कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान का सानिध्य पाने का जो सुख ग्वाल गोपियों को मिला उसे पाने के लिए देवी देवता भी तरसते है। उन्होंने गौसेवा और गौरक्षा की प्रेरणा देते हुए कहा कि सभी सनातनियों को प्रतिदिन गौपूजन कर घर में प्रथम रोटी गाय ओर अंतिम रोटी श्वान के लिए निकालनी चाहिए।

डॉ. पाराशर ने धर्म भक्ति के माध्यम से राष्ट्रभक्ति का संदेश देते हुए कहा कि देश को बाहर से नहीं उनसे अधिक खतरा है जो देश में रहकर यहां नुकसान पहुंचा रहे है। दुष्ट का स्वभाव कभी नहीं बदल सकता इसलिए आस्तीन के सांप से सावधान रहना चाहिए।

कथा के पांचवे दिवस के विश्राम पर व्यास पीठ की आरती करने वालों में कई संत महात्मा ओर संगम ग्रुप के चेयरमेन उद्योगपति रामपाल सोनी भी शामिल थे। इनके साथ भीलवाड़ा के विभिन्न समाजों एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों, सनातन सेवा समिति एवं हंसगंगा हरि शेवा भक्त मण्डल के पदाधिकारी एवं सदस्यों व श्रद्धालुओं ने आरती की।

संचालन पंडित अशोक व्यास ने किया। श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का वाचन 25 फरवरी तक प्रतिदिन दोपहर 1 से 4 बजे तक हो रहा है। कथा में छठे दिन मंगलवार को महारास एवं रूक्मणी विवाह प्रसंग का वाचन होगा। कथा व्यास डॉ. श्यामसुन्दर पाराशर ने कथा समाप्ति के बाद हाथीभाटा आश्रम पहुंच महन्त संतदास महाराज के सानिध्य में वहां सिंदुर का पौधा लगाया।

वृन्दावन से आए कलाकार कर रहे अखण्ड हरिनाम संकीर्तन

सनातन मंगल महोत्सव एवं दीक्षा दान समारोह के तहत विश्व कल्याण एवं सर्व मंगल की कामना से विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान सोमवार को भी जारी रहा। वृन्दावन से आए 16 कलाकार हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर के मुख्य द्वार के समीप चैतन्यदास के नेतृत्व में अखण्ड हरिनाम संकीर्तन कर रहे है। कलाकार 3-3 घंटे की पारी में मौजूद रहकर संकीर्तन कर रहे है।

महोत्सव में प्रतिदिन वैदिक अग्नि अनुष्ठान पंचकुण्डीय श्री विष्णु महायज्ञ, श्री अष्टोतर शत (108) भागवत मूल पाठ एवं शतचण्डी, अखण्ड श्रीमद् भगवतगीता पाठ, श्री रामचरितमानस पाठ, श्रीचंद सिद्धांत सागर पाठ, अखण्ड श्री रामनाम संकीर्तन जारी है। काशी के यज्ञाचार्य कामेश्वरनाथ तिवारी के सानिध्य में विद्धानों द्वारा यज्ञ सम्पादन एवं चारों वेद के मूल पाठ का पारायण हो रहा है।

श्रीधाम वृन्दावन के रसिकाचार्य कुंजबिहारी शर्मा श्री निकुंज बिहारी रासलीला मण्डल के लीलाकारों द्वारा रासलीला का आयोजन भी प्रतिदिन शाम 7 बजे से हो रहा है। महोत्सव में शाम 6 बजे से काशी की तर्ज पर गंगा आरती का आयोजन में शामिल होने के लिए श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ प्रतिदिन सैकड़ो श्रद्धालु पहुंच रहे है।

संत दर्शन एवं शोभायात्रा से दिखेगी सनातन एकता की झलक

सनातन मंगल महोत्सव के तहत दीक्षा दान समारोह से पूर्व 25 फरवरी बुधवार को प्रातः 8 बजे संत दर्शन एवं सनातन शोभायात्रा का आयोजन होगा। इस आयोजन के माध्यम से संत दर्शन के साथ सनातन एकता की झलक भी दिखेगी। शोभायात्रा भीलवाड़ा के अयोध्यानगर शहीद चौक (दूधाधारी मंदिर) से प्रारंभ होने वाली शोभायात्रा में तीनो दीक्षार्थी, संत महापुरूषों के साथ नगर प्रभात फेरी मण्डलियां शामिल होगी। शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालु भाई बहन शामिल होकर सनातन एकता प्रदर्शित करेंगे। शोभायात्रा नगर परिक्रमा करते हुए हरि शेवा उदासीन आश्रम पहुंच सम्पन्न होगी।