सांसद के करीबियों ने बुरा ना मानो होली है बोले बिना करवा दिए भाजपा कार्यकर्ताओं के आनंद

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संसद लुंबाराम चौधरी के करीबियों द्वारा सोशल मीडिया जारी त्रुटिपूर्ण तिथि वाला पत्र और ढूंढ दौरान आगे चलता पुलिस वाहन।

सबगुरु न्यूज-सिरोही। सांसद लुंबाराम चौधरी अपने करीबियों की नासमझी की वजह से सोशल मीडिया पर हंसी के पात्र बन गए। और वो भी बुरा न मानो होली है बोले बिना।

राजस्थान सरकार ने माउंट आबू के नाम परिवर्तन की घोषणा की। जिले के सभी नेता इसका श्रेय लूटने की कोशिश में दिखे। लुंबाराम चौधरी भी उसने शामिल हो गए। उनके एक करीबी ने सिरोही भाजपा के सोशल मीडिया समूह में एक पत्र चला दिया। इस पर तिथि लिखी हुई थी 11 मार्च 2024। भजनलाल शर्मा को संबोधित इस पत्र में माउंट आबू का नाम परिवर्तित करने का जिक्र था। जैसे ही लुंबाराम चौधरी के करीबी व्यक्ति के द्वारा ये पत्र व्हाट्स एप समूह में डाला। सिरोही, आबूरोड समेत लुंबाराम चौधरी के नाम से सिरोही के राजनीतिक भवसागर तरने के इच्छुक सभी नेता और कार्यकर्ता इस पत्र की प्रति को फॉरवर्ड करने में लग गए।

इसे किसी ने पढ़ा नहीं। ये नहीं सोचा कि उनकी चापलूसी लुंबाराम चौधरी को जिले में हंसी का पात्र बना देगी। दरअसल, इस पत्र पर तिथि 12 मार्च 2024 लिखी थी। उस दिन तक लुंबाराम चौधरी जालौर लोकसभा क्षेत्र के सांसद बने भी नहीं थे। इस पत्र की संख्या 12 हजार 391 लिखा हुआ था। अब भाजपा में ही नेता मजे लेने लगे कि देवजी पटेल के समय भी सांसद लुंबाराम चौधरी ही थे और सांसद के रूप में बारह हजार से ज्यादा पत्र लिख चुके थे।

-ढूंढ में भी पुलिस पेट्रोलिंग सुविधा!

नेताओं के रील बनाने के शौक उनके लिए तो आफत हैं ही लेकिन उन्हें ओबलाइज करने वाले सरकारी कर्मचारियों पर भी भारी पड़ जाते हैं। सांसद के अकाउंट से एक ऐसी ही रील पोस्ट हुई। इसमें कैप्शन लिखा था आज ढूंढ उत्सव में जाने का सुअवसर मिला।

उनके कैमरामैन ने चलती गाड़ी की आगे की सीट से उन्हें कवर करते हुए फ्रंट ग्लास से सड़क को कैमरे में कवर किया। लैंस को ज़ूम किया तो आगे चल रही पुलिस जीप रिकॉर्ड हो गई। कच्चे रास्ते पर चल रही इसे पुलिस जीप पुलिस जीप पर आर जे 24 लिखा हुआ था। यानि सिरोही जिले की पुलिस जीप थी। कार्यक्रम भी मंडार में कहीं रानीवाड़ा रोड पर था। ऐसे में अब पुलिस की तत्परता और सेवा की भी चर्चा है। अब ये इत्तेफ़ाक है या पुलिस वाकई सांसद की पेट्रोलिंग करते हुए मार्गदर्शक बनी थी इसे लेकर भी संगठन में ये चर्चा है।

अमृत भारत योजना तहत 2023 में जीर्णोद्धार के लिए स्वीकृत आबूरोड रेलवे स्टेशन के लिए राशि होने श्रेय देने के लिए आबूरोड स्टेशन पर एकत्रित भाजपा नेता।

– समर्थक श्रेय देने को आतुर लोग मान नहीं रहे

आबूरोड रेलवे स्टेशन के लिए आधुनिकीकरण के लिए रेलवे द्वारा करीब 82 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। इसका श्रेय भी सांसद के करीबी उन्हें देने के आतुर थे। यूं इस तरह के प्रेस नोट भी जारी किए गए। प्रयास ये था कि इसका श्रेय उन्हें देते हुए आबूरोड स्टेशन पर उनका अभिनंदन किया जाए। इसके लिए स्थानीय समर्थकों ने स्थानीय भाजपाइयों को प्रेरित करने का प्रयास किया लेकिन वो इसे अमृत भारत योजना का हिस्सा मानते हुए इसमें उनके प्रयासों को मानने को तैयार नहीं हुए। तो

 

केंद्र सरकार की एजेंसी पीआईबी द्वारा 29 मार्च 2023 के प्रेस नोट के अनुसार तब अमृत भारत योजना के तहत देश के 1275 स्टेशनों की पहचान कर ली गई थी। इसमें राजस्थान के 82 स्टेशन थे। इसकी सूची में सबसे पहला नाम ही आबूरोड का है। स्थानीय भाजपा नेताओं को भी इस योजना के पहले ही लागू होने से अनभिज्ञ नहीं थे इसलिए बुलावे के बाद भी कई लोग नहीं पहुंचे। ऐसे में सांसद के समर्थकों के द्वारा इसका श्रेय सांसद लुंबाराम चौधरी को देने के लिए लॉबिंग करना भाजपा में ही हास्यास्पद बना रहा। क्योंकि लुंबाराम चौधरी के सांसद बनने से पहले ही आबूरोड स्टेशन को अमृत भारत योजना के तहत चिन्हित कर लिया गया था।