दिल्ली के मालवीय नगर में लगी आग में एक ही परिवार के आठ सदस्यों की मौत

0

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी के मालवीय नगर इलाके के एक होटल में लगी भीषण आग में एक ही परिवार के आठ सदस्यों की जान चली गई। अपने एक बीमार रिश्तेदार की देखरेख के लिए गुरुग्राम से दिल्ली आए अग्रवाल परिवार के ये सदस्य होटल फ्लोरिश स्टे गेस्ट हाउस में ठहरे हुए थे। यह होटल मैक्स अस्पताल के पास स्थित था।

दरअसल, पीड़ित परिवार के सदस्य 80 वर्षीय राधेश्याम अग्रवार को अस्पताल के गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में उपचार किया जा रहा है। उनके अस्पताल में भर्ती होने के दौरान अलग-अलग शहरों से उनसे मिलने आए परिवार के सदस्य इस होटल में रुके थे।

मृत लोगों में राधेश्याम के बेटे विवेक अग्रवाल, उनकी पत्नी तर्जनी, मां प्रेमलता और उनकी दो बेटियां जीविका और वार्या शामिल थीं। इनके अलावा, विवेक के मामा अशोक गोयल समेत परिवार के कई अन्य रिश्तेदार भी इस हादसे का शिकार हो गए।

रिश्तेदारों के मुताबिक परिवार ने इस होटल को सिर्फ इसलिए चुना था क्योंकि यह अस्पताल के बिल्कुल पास था, जिससे ज़रूरत पड़ने पर वे तुरंत आईसीयू तक पहुंच सकें। उन्हें उम्मीद थी कि राधेश्याम जल्द ही ठीक होकर घर लौट आएंगे लेकिन उससे पहले ही यह बड़ा हादसा हो गया।

बताया जा रहा है कि आग लगने के कुछ ही पलों बाद, विवेक ने अपने एक रिश्तेदार को फोन किया था और कहा था कि यहां आग लग गई है। इसके बाद उनसे कोई बातचीत नहीं हो पाई।

जैसे ही आग लगने की खबर फैली, दिल्ली, गुरुग्राम, राजस्थान और अन्य शहरों से रिश्तेदार अपने करीबियों को ढूंढने के लिए अस्पतालों और शवगृहों की तरफ भागे। कई लोग अपनों के जिंदा बचे होने की उम्मीद में घंटों तक एम्स, मैक्स अस्पताल और दूसरे अस्पतालों के चक्कर काटते रहे लेकिन शाम होते-होते उनकी उम्मीदें टूट गईं, क्योंकि प्रशासन ने परिवार के आठ सदस्यों की मौत की पुष्टि कर दी।

पीड़ितों के एक करीबी रिश्तेदार प्रेम बंसल ने बताया कि यह परिवार सिर्फ राधेश्याम के इलाज के दौरान उनका साथ देने के लिए दिल्ली में रुका हुआ था। इस नुकसान ने उनके कई रिश्तेदारों को गहरा सदमा लगा है।

इस भीषण आग में कुल 21 लोगों की जान गई है, जिसने राजधानी के होटलों और गेस्ट हाउसों में आग से सुरक्षा के नियमों और आपातकालीन तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन आग लगने के कारणों और इस हादसे के पीछे रही संभावित कमियों की जांच कर रहा है।