आईरिस डेना हमले में मारे गए नाविकों के शव सौंपने का ईरान का अनुरोध

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कोलंबो। ईरान ने श्रीलंका के पास हिंद महासागर में हुए हमले में डूबे ईरानी नौसैनिक पोत आईरिस डेना पर मारे गए नाविकों के सभी शव उसे सौंपे जाने का अनुरोध किया है, ताकि उन्हें अंतिम संस्कार के लिए स्वदेश ले जाया जा सके।

श्रीलंकाई मीडिया डेली मिरर की रिपोर्ट के अनुसार अमरीकी पनडुब्बी द्वारा किए गए टॉरपीडो हमले के बाद जहाज के डूबने से मारे गए करीब 90 नाविकों के शवों को गाले स्थित राष्ट्रीय अस्पताल करापिटिया लाया गया है। बताया गया है कि आगे की व्यवस्था होने तक इन शवों को अस्पताल के कोल्ड रूम में रखा जाएगा।

श्रीलंका के उप स्वास्थ्य मंत्री हंसका विजेमुनी ने कहा कि ईरान ने शवों को अपने देश ले जाने का अनुरोध किया है, लेकिन मौजूदा सैन्य स्थिति के कारण यह प्रक्रिया तुरंत संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि अंतिम व्यवस्था होने तक शव अस्पताल के शीतगृह में सुरक्षित रखे जाएंगे।

विजेमुनी के अनुसार बुधवार रात तक करापिटिया अस्पताल में करीब 90 शव पहुंच चुके थे और यह संख्या बढ़ सकती है। श्रीलंका की ओर से मानक पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी की जा रही है और आगे की कार्रवाई को लेकर ईरानी अधिकारियों के साथ समन्वय किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि इतने बड़े पैमाने पर शवों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए श्रीलंका के पास पर्याप्त कोल्ड स्टोरेज क्षमता नहीं है, इसलिए अतिरिक्त रेफ्रिजरेशन यूनिट खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। रिपोर्टों के अनुसार, आईरिस डेना अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में श्रीलंका के निकट सुबह करीब 5:08 बजे डूब गया था। मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि उस समय जहाज पर करीब 180 लोग सवार थे।

अंतरराष्ट्रीय समुद्री समझौतों के तहत क्षेत्र में बचाव और खोज अभियान की जिम्मेदारी श्रीलंका ने संभाली। श्रीलंका नौसेना ने 32 जीवित नाविकों को बचाया, जिनका राष्ट्रीय अस्पताल करापिटिया में उपचार किया जा रहा है। घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा भी कड़ी कर दी गई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।