आबूरोड में बजरी के नाम पर सरकार को डबल चूना

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बजरी demo pic

सबगुरु न्यूज-आबूरोड। राजनीतिक सरपरस्ती में आबूरोड में सरकार को राजस्व का डबल चूना लगाया जा रहा है। सिरोही खनि अभियंता ने सबगुरु न्यूज को बताया कि आबूरोड में अभी सिर्फ लेटर टू इंटेंट जारी हुआ है। यहां पर एनवायरनमेंट क्लियरेंस आने का बाद में प्रोसेस टू कंसेंट जारी होगा। इससे पहले यहां बजरी का खनन अवैध है। उनके अनुसार इसकी कोई भी व्यक्ति लीज के नाम पर राशि वसूलता है तो वो भी अवैध है। आबूरोड में बिना प्रोसेस टू कंसेंट जारी हुए ही कुछ लोगों ने लीज वसूली शुरू कर दी है। ये पैसा भी सरकार को नहीं जा रहा है और माल का नुकसान हो रहा है सो अलग।

– हो सकती है कार्रवाई

आबूरोड में बजरी की लीज जारी करने के लिए एक कंपनी ने क्वालीफाई किया है। लेकिन, इसे अभी सिर्फ लेटर टू इंटेंट यानी माइनिंग की शर्तों के आशय पत्र ही जारी की गया। ये आशय पत्र आवेदक और सरकार के बीच माइनिंग की शर्तों का आदान प्रदान होता है। लेकिन ये आशय पत्र तब तक बजरी की माइनिंग और उसकी लीज वसूली की अनुमति नहीं देता जब तक कि प्रोसेस टू कंसेंट यानि कि लीज वसूली की अनुमति देने की सहमति पत्र जारी नहीं होता है। प्रोसेस टू कंसेंट देने से पहले एनवायरनमेंट क्लियरेंस मिलनी आवश्यक है। आबूरोड में अभी एन्वायरमेंट क्लियरेंस नहीं मिली है ऐसे में यहां प्रोसेस टू कंसेंट लेटर जारी नहीं हुआ है। यहां बजरी के खनन नाम पर वसूली पूरी तरह से अवैध है।लेकिन, यहां पर ऐसा हो रहा है।

-टीसीपी तो रिजर्व इलाका

खनि अभियंता ने बताया कि आबूरोड टीएसपी इलाके में पड़ता है। इसलिए यहां पर बजरी खनन आदिवासियों के लिए आरक्षित है। यहां का लेटर टू कंसेंट इसी तरह की आदिवासी समिति को जारी किया गया है। लेकिन, अभी तक एन्वायरमेंट क्लियरेंस नहीं मिली है। जब वो मिलेगा तब ही इस संस्थान को लेटर टू कंसेंट जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिला कलेक्टर के माध्यम से आबूरोड में अवैध बजरी खनन की सूचना मिली थी। इसके लिए फोरमैन को निर्देश देकर कार्रवाई भी करवाई थी।

– एक जगह वसूली फिर तीन जगह खनन

कांग्रेस के धरने में संयम लोढ़ा ने आरोप लगाया था कि बिना लीज मिले ही आबूरोड में बजरी की लीज राशि वसूली जा रही है। ये लीज एक कार्यालय स्थापित करके वसूली जा रही है। सूत्रों के अनुसार ये कथित कार्यालय लुनियापुरा से फोरलेन की तरफ जाने वाले मार्ग पर स्थित एक कॉलोनी में एक मकान के पहले माले पर एकत्रित की जाती है। इसके बाद आबूरोड में तीन जगह से बजरी का खनन करवाया जाता है।

दिन में सांतपुर के पास कालाकांकर इलाके और अमरापुरा की तरफ हवाई पट्टी पीछे क्षेत्र से वसूली देने वालों को खनन करने दिया जा रहा है। रात में किंवरली पर निगरानी कैंप भी लगाया जाता है और वहां बजरी निकलवाई जाती है। आरोप ये लग रहा है कि कुछ लोगों ने लेटर टू इंटेंट को ही कंसेंट टू प्रोसेस मानकर अवैध रूप से लीज वसूली शुरू कर दी है। लेकिन खनि अभियंता ने बता दिया है कि ये माल अवैध  और पकड़े जाने पर उतना ही जुर्माना लगेगा जितना तय है।