पशु मेला विवाद के बाद सिरोही भाजपा में चर्चा, मंत्री के सामने विधायक का पलडा भारी!

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Otaram Dewasi and samaram garasia

सिरोही। मंडार का लीलाधारी महादेव पशु मेला का विवादों से पीछा नहीं छूट रहा है। पहले कांग्रेस विधायक का नाम कार्ड में शामिल नहीं होने को लेकर विवाद हुआ। इसके बाद भाजपा विधायक के अपमान का मुद्दा छाया रहा। अब इस मेले में लगातार जनप्रतिनिधियों के अपमान को लेकर की गई कार्रवाई विवादों में आ गई।

आरोप ये लग रहा है कि अव्यवस्था के जवाबदेह अधिकारियों की लाॅबी को बचाने के लिए सरकार ने बीच के अधिकारी को सजा दे दी। अब इस मामले में कार्रवाई को लेकर जिले में ये चर्चा भी शुरू हो गई कि विधायक राजस्थान सरकार के मंत्री पर भारी पड गए। क्योंकि भाजपा विधायक ने इस कार्यक्रम में प्रोटोकाॅल के उल्लंघन का आरोप लगाया था तो इसी कार्यक्रम में शामिल मंत्री के द्वारा दिए गए बयान को भाजपा विधायक के विरोध और आयोजक अधिकारियों के समर्थन में माना जा रहा था। ऐसे में भी कार्रवाई होने पर राजनीतिक हलकों में ये चर्चा है कि मंत्री पर विधायक की दलील भारी पड गई। लेकिन, गलत अधिकारी पर कार्रवाई का ठीकरा मंत्री के सिर पर ही फूट रहा है।

कांग्रेस विधायक ने लिखा था विधानसभाध्यक्ष को पत्र

इस मेले को लेकर विवाद इसके आमंत्रण कार्ड से शुरू हुआ था। ये मेला रेवदर विधानसभा में हो रहा है। इस कार्ड में पहले वहां के विधायक मोतीराम कोली का नाम ही नहीं था। मोतीराम कोली ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि उन्हें मेले में आमंत्रित नहीं किया गया है। इसके बाद कार्ड में सुधार किया गया। वैसे कांग्रेस को ये काम जानबूझकर किया ज्यादा प्रतीत हो रहा था क्योंकि भाजपा शासन में पहले भी कई बार रेवदर के कांग्रेस विधायक को दरकिनार करने के आरोप लगते रहे हैं।

विभागीय सूत्रों की मानें तो सत्ताधारी नेताओं को खुश करने के लिए ये काम किया गया था। लेकिन, विधानसभा में ही सर्वसम्मति के सिटिंग जनप्रतिनिधि को प्राथमिकता देने के विधानसभा अध्यक्ष की व्यवस्था के कारण ये विवाद उलझ गया। ये चर्चा जोरों पर है कि गलतियों का निशाना जिम्मेदार अधिकारी को बनाने की बजाय दूसरे को बना दिया गया है।

भाजपा विधायक ने लगाया अपमान का आरोप

पशुपालन विभाग के द्वारा मंडार के पशु मेले का उद्घाटन शनिवार के हुआ। इसके उद्घाटन सत्र पर मंच सजाया गया। पांडाल लगाया गया। मेहमान बुलवाए गए। स्वागत करवाया गया। इसी स्वागत के क्रम के गडबडाने को लेकर भाजपा के पिण्डवाडा-आबू के विधायक समाराम गरासिया नाराज हो गए। वो चालू कार्यक्रम में ही उठकर निकल गए। बाहर आकर उन्होंने कहा कि उनका अपमान किया गया है। कार्ड में भी प्रोटोकाॅल का उल्लंघन किया गया और मंच पर भी उन्हें चौथे नम्बर पर बुलवाया गया। बैनर पर भी उनका फोटो नहीं था। इस मामले ने जिले में तूल पकड लिया। उन्होंने कहा था कि वो इस मामले को मुख्यमंत्री तक लेकर जाएंगे।

ओटाराम देवासी के बयान को माना जा रहा है प्रतिरोध

इस विवाद के बाद पंचायतराज राज्यमंत्री और सिरोही के विधायक ओटाराम देवासी का भी बयान सामने आया था। इस बयान को भाजपा और राजनीतिक हलकों में पिण्डवाडा विधायक समाराम गरासिया के खिलाफ माना जा रहा है। इसमें वो ये कहते नजर आ रहे हैं कि ऐसा कुछ नहीं हुआ है। देवासी गरासिया के बयान से गैर इत्तेफाकी रखते हुए कहते हैं कि वो यानि पिंडवाडा-आबू विधायक मीडिया के सामने कुछ भी कहें, ऐसा कुछ नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि ये सरकार का कार्यक्रम में है। हो सकता है इसमें मेरा भी फोटो नहीं आए। उन्होंने कहा कि ये कार्यक्रम पिण्डवाडा मे नहीं हुआ है। इसमें उद्देश्य यह रहना चाहिए कि ज्यादा से ज्यादा जनता को लाभ मिले।

जवाबदेह को किसने बचाया

इस मेले के लिए पशुपालन विभाग ने प्रभारी नियुक्त किया था। मेले की सारी व्यवस्था उन्हें ही करनी थी। रेवदर विधायक का नाम प्रकाशित हो या ना हो कार्ड में मेला प्रभारी का नाम बकायदा लिखा गया है। प्रभारी के नाते कार्ड छपाई, मंच पर मेहमानों का स्वागत, लोगों का एकत्रिकरण समेत सभी काम उनकेे जिम्मे आना था। पिण्डवाडा विधायक का आरोप था कि मेले में पशुपालक आए ही नहीं थे। उनका ये भी आरोप था कि मंच संचालक ने उनका नाम चौथे नम्बर पर लिया। उनका ये भी आरोप था कि उनके उपर अधिकारियों के नाम लिखे थे।

कार्ड देखने पर स्पष्ट प्रतीत हो रहा है कि उसमें रेवदर और पिण्डवाडा एमएलए को जिला प्रमुख से भी नीचे स्थान दिया गया जो स्पष्ट रूप से विधायकों को मिले संवैधानिक सम्मान की अवहेलना थी। सिरोही में पशुपालन विभाग में एक विशेष लाॅबी का दबदबा चल रहा है। सूत्रों के अनुसार रेवदर और पिण्डवाडा-आबू विधायक के द्वारा लगाए गए आरोपों की जवाबदेही इसी लाॅबी पर आती है। इन्हें जयपुर से संरक्षण प्राप्त है। इसलिए अब राजनीतिक हलकों में ये आरोप लग रहा है कि इन्हें बचाने के लिए विभाग के संयुक्त निदेशक को बलि का बकरा बना दिया गया।