मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन निरस्त, भाजपा के तीसरे उम्मीदवार की संभावनाएं बढ़ी

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भोपाल। मध्यप्रदेश से राज्यसभा के द्विवार्षिक निर्वाचन के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र आज मंगलवार को जांच के दौरान निरस्त कर दिया गया। विधानसभा के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी की ओर से नामांकन पत्र पर आपत्ति दर्ज कराई गई थी। आपत्ति में आरोप लगाया गया था कि उम्मीदवार ने अपने शपथ पत्र में तेलंगाना की एक अदालत में लंबित प्रकरण संबंधी जानकारी का उल्लेख नहीं किया है।

वही भाजपा की ओर से प्रस्तुत आपत्ति में कहा गया कि निर्वाचन संबंधी नियमों और न्यायालयों के निर्देशों के अनुसार उम्मीदवारों को अपने विरुद्ध लंबित मामलों की जानकारी शपथ पत्र में देना अनिवार्य है। इसी आधार पर नामांकन निरस्त करने की मांग की गई थी।

मामले की सुनवाई के दौरान रिटर्निंग अधिकारी ने दोनों पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया। कांग्रेस की ओर से तर्क दिया गया कि उम्मीदवार के विरुद्ध कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है और केवल न्यायालय से नोटिस प्राप्त हुआ है, इसलिए जानकारी छिपाने का आरोप निराधार है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद रिटर्निंग अधिकारी ने निर्णय सुरक्षित रख लिया था। बाद में नामांकन पत्र निरस्त किए जाने का आदेश जारी किया गया।

सुनवाई के दौरान विधानसभा परिसर में राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। कांग्रेस और भाजपा के कई वरिष्ठ नेता रिटर्निंग अधिकारी के कक्ष के बाहर मौजूद रहे। इस दौरान कुछ समय के लिए बहस और हंगामे की स्थिति भी बनी रही।

मध्यप्रदेश से राज्यसभा की रिक्त सीटों के लिए निर्वाचन प्रक्रिया जारी है। वही कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन निरस्त होने के बाद भारतीय जनता पार्टी द्वारा उतारे गए तीसरे उम्मीदवार महेश केवट के निर्वाचन की संभावनाएं बढ़ गई हैं।

यदि कांग्रेस को इस मामले में न्यायालय से राहत नहीं मिलती है और नामांकन बहाल नहीं होता, तो मध्यप्रदेश से राज्यसभा की तीनों सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों के निर्वाचित होने का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा। ऐसी स्थिति में भाजपा के उम्मीदवार तरुण चुग, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट के राज्यसभा पहुंचने की संभावना प्रबल मानी जा रही है।