नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में मौजूदा मतदाता सूची के अलावा चुनाव से पहले एक पूरक मतदाता सूची जारी किए जाने की संभावना है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को तीन अन्य राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के साथ पश्चिम बंगाल के लिए चुनाव की तारीखों की घोषणा करते हुए बताया कि 28 फरवरी को जारी मतदाता सूची के अनुसार राज्य में कुल 6,45,61,152 मतदाता हैं जिनमें 6,44,52,609 आम मतदाता और 1,08,543 सेना, अर्द्धसैन्य बलों और पुलिस के जवान हैं जिन्हें सर्विस वोटर कहा जाता है। कुल मतदाताओं में 5,23,229 युवा मतदाता (18-19 वर्ष के) शामिल हैं। दिव्यांग मतदाताओं की संख्या 4,16,089 है। कुल 1,152 मतदाता थर्ड जेंडर के हैं और 85 वर्ष से अधिक आयु के 3,78,979 मतदाता हैं।
उन्होंने एसआईआर के बारे में पूछे जाने पर बताया कि उच्चतम न्यायालय के आदेश पर राज्य की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया में छूटे हुए नामों की पात्रता पर विचार के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय की निर्देशाधीन जजों की नियुक्ति की गई है। उनके निर्णय के बाद पूरक सूची जारी की जायेगी जिससे मतदाताओं की संख्या बढ़ सकती है।
उन्होंने कहा कि विद्वान जज एक-एक मामले की जांच कर रहे हैं, और जिनके भी नाम को वे मंजूरी देंगे उसे पूरक सूची के माध्यम से अंतिम मतदाता सूची में जगह दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा। मतगणना चार मई को होगी।
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा से करीब आधे घंटे पहले पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा महंगाई भत्ता बढ़ाने की घोषणा के बारे में पूछे जाने पर कुमार ने स्पष्ट किया कि चुनाव की घोषणा से पहले सरकार के कामकाज आदर्श चुनाव आचार संहिता के दायरे में नहीं आते।



