कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के दौरान भवानीपुर में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार एवं नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के दौरे के समय बुधवार को भाजपा और तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तनाव बढ़ गया, जिसके बाद सुरक्षा बलों और पुलिस को हल्का लाठीचार्ज कर स्थिति नियंत्रित करनी पड़ी।
कालीघाट इलाके में मतदान के बीच अधिकारी के पहुंचने पर तृणमूल कार्यकर्ताओं ने जय बंगला के नारे लगाए, जिसके बाद दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच नारेबाजी और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। स्थिति बिगड़ने पर केंद्रीय बलों और कोलकाता पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए दोनों दलों के कार्यकर्ताओं को तितर-बितर किया।
पुलिस के अनुसार अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। मुख्यमंत्री और तृणमूल उम्मीदवार ममता बनर्जी का निवास भवानीपुर के कालीघाट में है। यह इस चुनाव में राज्य की सबसे हाई-प्रोफाइल सीटों में शामिल है।
अधिकारी ने घटना के दौरान आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री मतदाताओं को प्रभावित और भयभीत करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि मतदान की रफ्तार धीमी है और केंद्रीय बलों की मौजूदगी से तृणमूल घबराई हुई है।
अधिकारी ने कहा कि ममता उम्मीदवार हैं, बूथ जा सकती हैं, लेकिन इतने लोगों के साथ आकर क्या मतदाताओं को डराने की कोशिश हो रही है? तृणमूल समर्थकों के जय बंगला नारों पर प्रतिक्रिया देते हुए अधिकारी ने विवादास्पद टिप्पणी करते हुए कहा कि मुसलमान जय बंगला के नारे लगा रहे हैं, जबकि हिन्दू भाजपा के साथ हैं।
उल्लेखनीय है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट पर अधिकारी ने ममता बनर्जी को करीबी अंतर से हराया था, हालांकि तृणमूल कांग्रेस ने राज्य में प्रचंड बहुमत हासिल कर सरकार बनाई थी। बाद में ममता बनर्जी भवानीपुर उपचुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचीं। भवानीपुर में यह सीधा मुकाबला राज्य की राजनीति के सबसे प्रतीकात्मक चुनावी संघर्षों में गिना जा रहा है जिस पर पूरे देश की निगाहें लगी हैं।



