अजमेर कोर्ट ने खारिज किया खाली चैक के दुरूपयोग का केस

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अजमेर। एनआई एक्ट के तहत बीसी संचालक द्वारा दायर वाद संदेह का लाभ देकर ख़ारिज कर दिया गया है। कोर्ट संख्या चार के विशिष्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट विजेंद्र कुमार मीणा ने गत दिनों दिए इस निर्णय में लिखा कि बीसी संचालक ने लोन दिलवाने के नाम पर लिए गए खाली चेक पर 720000 रुपए की राशि भरकर किए गए केस में बिना लिखा पढ़ी के बड़ी राशि उधार देना संदेहास्पद बनाता है।

ऐसे में संदेह का लाभ देकर उन्होंने वैशाली नगर निवासी अनिल सिंघल को बरी कर दिया। इस मामले में पैरवी एडवोकेट संजय अग्रवाल ने की।