मथुरा में बाबा चंद्रशेखर फरसा वाले की मौत के बाद उपद्रव, 14 अरेस्ट

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मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में बाबा चंद्रशेखर फरसा वाले’ की सड़क दुर्घटना में मृत्यु के बाद उनके समर्थकों ने जमकर तांडव किया। प्रदर्शनकारियों ने न केवल नेशनल हाईवे-19 को घंटों जाम रखा, बल्कि मौके पर पहुँचे पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों पर पथराव, लाठी-डंडों से हमला और अवैध हथियारों से फायरिंग भी की।

पुलिस ने इस मामले में 22 नामजद और करीब 250-300 अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गौरतलब है कि 21 मार्च को बाबा चंद्रशेखर की सड़क हादसे में मृत्यु हो गई थी। पुलिस को सूचना मिली कि कोसीकलां में बाबा के समर्थक पोस्टमार्टम न कराने की जिद पर अड़े हैं और हंगामा कर रहे हैं।

समझाने के बावजूद भीड़ जबरन शव को लेकर ग्राम आजनौख गोशाला चली गई। इसके बाद, योजनाबद्ध तरीके से लोक व्यवस्था को बाधित करने के उद्देश्य से समर्थक शव को एम्बुलेंस से उतारकर प्राइवेट वाहन में हाईवे पर ले आए और छाता कस्बे के सामने सड़क जाम कर दी।

हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लगने के बाद जब पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने भीड़ को समझाने का प्रयास किया, तो प्रदर्शनकारी उग्र हो गए। उपद्रवियों ने पुलिस और सरकारी वाहनों पर पथराव किया। एडीएम,एसडीएम और सीओ छाता सहित कई अधिकारियों की गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए। अवैध हथियारों से पुलिस पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की। आम राहगीरों और यात्रियों के साथ अभद्रता की, जिससे भगदड़ मच गई।

स्थिति को नियंत्रण से बाहर होता देख पुलिस ने आत्मरक्षार्थ और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और हल्का बल प्रयोग किया। इस संघर्ष में थाना प्रभारी छाता, एसएचओ कोतवाली मथुरा सहित कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए केडी हॉस्पिटल भिजवाया गया है।

पुलिस ने मौके से 14 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें गौरव उर्फ भूरा, नरेश, हिमांशू, पवन शर्मा, कपिल शर्मा, धर्मेंद्र, विष्णु, अनुज, शनि, केशव, पवन, अरुण, अमन और सुभाष शामिल हैं। इसके अलावा 8 अन्य नामजद आरोपी सीताराम जादौन, भोला पंडित, योगेश आदि और करीब 300 अज्ञात लोगों की तलाश जारी है।

पुलिस ने मौके से उपद्रवियों द्वारा छोड़ी गई 15 मोटरसाइकिलें, ईंट-पत्थर के टुकड़े, लाठी-डंडे और 315 व 312 बोर के खोखा कारतूस बरामद किए हैं। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता, 7 सीएलए एक्ट, लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर भ्रामक तथ्य फैलाने वालों पर भी नजर रखी जा रही है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।