हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले में एक युवक द्वारा पाकिस्तानी आतंकवादी शहजाद भट्टी के साथ इंस्टाग्राम पर संपर्क करने और हथियारों की तस्वीरें सार्वजनिक रूप से शेयर करने के मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने उक्त युवक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
हनुमानगढ़ टाउन थाना प्रभारी अशोक बिश्नोई की रिपोर्ट पर मंगलवार देर रात हनुमानगढ़ टाउन थाने में पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी और गांव किशनपुरा दिखनादा के वार्ड नंबर एक निवासी जसवंत कुमार उर्फ सोनू कुम्हार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 152 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। इस मामले की जांच पुलिस उप निरीक्षक मोहरसिंह करेंगे।
पुलिस के अनुसार जसवंत कुमार ने अपनी इंस्टाग्राम आईडी से पाकिस्तानी आतंकवादी शहजाद की आईडी पर दो बार संपर्क किया। दोनों बार चैटिंग के दौरान उसने अपना मोबाइल नंबर भेजते हुए उससे सम्पर्क करने को कहा था। इसके अलावा जसवंत ने शहजाद भट्टी की इंस्टाग्राम आईडी पर पोस्ट की गई हथियारों की फोटो और अन्य तस्वीरों को अपने अकाउंट से सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित भी कर दिया था। यह संपर्क और चैटिंग का पूरा मामला सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आ गई।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि यह मामला हरियाणा के अंबाला जिले में 20 दिन पहले हुई बड़ी आतंकी साजिश से सीधे जुड़ा हुआ है। अंबाला के बारारा-दोसड़का मार्ग पर विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने तीन युवकों को गिरफ्तार करके उनसे करीब दो किलो आरडीएक्स, आईईडी , डेटोनेटर और बैटरी सहित गिरफ्तार किया था। पूछताछ में इन तीनों युवकों का हनुमानगढ़ से संबंध सामने आया।
सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान में बैठे आतंकी शहजाद के निर्देश पर इन्होंने पहले हनुमानगढ़ में बम विस्फोट की योजना बनाई थी। जांच एजेंसियों के अनुसार विगत 28 फरवरी से तीन मार्च के बीच हनुमानगढ़ जिले में विस्फोट की तैयारी चल रही थी। तीनों आरोपियों में एक युवक अजमेर का रहने वाला अकबर है, जो टेंपो चलाता था।
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि शहजाद भट्टी के इशारे पर पहली योजना हनुमानगढ़ में बम विस्फोट करने की थी। आईईडी को हनुमानगढ़ के किसी अज्ञात स्थान पर पहुंचा भी दिया गया था लेकिन आरडीएक्स प्राप्त करने में देरी हो गई। इसी वजह से चार दिन बाद आईईडी को वापस मंगवाना पड़ा और योजना को टाल दिया गया।
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपियों ने हनुमानगढ़ के अलावा पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और चंडीगढ़ के कई संवेदनशील स्थानों की रेकी की थी। उन्होंने इन जगहों के वीडियो बनाकर व्हाट्सएप के जरिए पाकिस्तान भेजे थे ताकि अंतिम लक्ष्य तय किया जा सके।
जब हनुमानगढ़ योजना विफल हो गई, तो साजिश का केंद्र अंबाला की ओर मोड़ दिया गया। यहां धार्मिक स्थलों, राजनीतिक व्यक्तियों और सैन्य ठिकानों को संभावित लक्ष्य के रूप में चुना गया था। हनुमानगढ़ टाउन थाना में दर्ज नए मामले के आधार पर पुलिस अब तीनों युवकों को अंबाला से प्रोडक्शन वारंट लेकर लाएगी और आरोपियों से गहन पूछताछ करेगी।



