राजस्थान में डिजिटल डेटा की सुरक्षा को लेकर चेतावनी जारी

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जयपुर। राजस्थान में पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार प्रदेश में डिजिटल डेटा की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर चेतावनी जारी की गई है।

पुलिस उपमहानिरीक्षक (साइबर क्राइम) शांतनु कुमार सिंह ने बताया कि इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (14सी) के अवलोकनों के बाद यह सामने आया है कि साइबर अपराधी अब विशेष रूप से उन संस्थानों को निशाना बना रहे हैं, जो नेटवर्क अटैच स्टोरेज (एनएएस) उपकरणों का उपयोग करते हैं। इनमें चार्टर्ड अकाउंटेंसी फर्में, कंसल्टिंग एजेंसियां, अस्पताल, आईटी एवं मीडिया क्षेत्र से जुड़े पेशेवर और शैक्षणिक संस्थान शामिल हैं।

सिंह ने बताया कि साइबर हमलावरों का तरीका बेहद शातिराना है। ये अपराधी इंटरनेट पर असुरक्षित या ओपन एनएएस सिस्टम की पहचान करते हैं। कमजोर पासवर्ड या पुराने सॉफ्टवेयर का फायदा उठाकर वे सिस्टम में अनधिकृत प्रवेश करते हैं और संस्थान के महत्वपूर्ण डेटा को कॉपी या एन्क्रिप्ट कर देते हैं। इसके बाद संवेदनशील जानकारी को सार्वजनिक करने की धमकी देकर भारी फिरौती की मांग की जाती है, जिससे संस्थान अपने ही डेटा तक पहुंचने में असमर्थ हो जाता है।

एडवाइजरी के अनुसार चार्टर्ड अकाउंटेंट और आईटी क्षेत्र से जुड़े पेशेवर इस समय हमलावरों के प्रमुख लक्ष्य हैं क्योंकि उनके पास क्लाइंट्स का बेहद गोपनीय और वित्तीय डेटा होता है। इसके अलावा मीडिया हाउस और बड़े अस्पतालों के डेटा स्टोरेज सिस्टम पर भी रैनसमवेयर हमलों की घटनाएं हुई हैं। साइबर विशेषज्ञों ने संस्थानों को सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी है।