अजमेर कांग्रेस में असंतोष, बागी नेताओं ने जयपुर पहुंचकर डोटासरा से की शिकायत

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राजकुमार जयपाल के कार्यकाल और धर्मेन्द्र राठौर को लेकर उठाए सवाल
अजमेर नगर निगम चुनाव में टिकट वितरण को लेकर भी जताई नाराजगी

जयपुर/अजमेर। अजमेर शहर कांग्रेस संगठन में चल रही कथित खींचतान और असंतोष अब प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व तक पहुंच गया है। अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष विजय जैन और पीसीसी सदस्य हेमंत भाटी के नेतृत्व में वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं, पूर्व पदाधिकारियों, पूर्व पार्षदों और जमीनी कार्यकर्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने जयपुर पहुंचकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने अजमेर शहर कांग्रेस संगठन की कार्यप्रणाली को लेकर शिकायत दर्ज कराते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने आरोप लगाया कि डॉ. राजकुमार जयपाल के अजमेर शहर कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद संगठन अपेक्षित रूप से मजबूत नहीं हो पाया है। कार्यकर्ताओं का दावा है कि वर्तमान शहर कांग्रेस कार्यकारिणी में लंबे समय से पार्टी के लिए संघर्ष करने वाले कई वरिष्ठ और जमीनी कार्यकर्ताओं को उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला। उन्होंने कार्यकारिणी में शामिल पदाधिकारियों की राजनीतिक पृष्ठभूमि, पार्टी के प्रति योगदान और संगठनात्मक सक्रियता की निष्पक्ष समीक्षा कराने की मांग की।

व्यक्तिगत नजदीकी को प्राथमिकता देने का आरोप

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि कार्यकारिणी के गठन में वरिष्ठता, संगठन के प्रति योगदान और जमीनी सक्रियता के बजाय व्यक्तिगत नजदीकी को प्राथमिकता दी गई। इससे पार्टी के पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ने की बात कही गई। प्रतिनिधिमंडल ने संगठन सृजन से लेकर अब तक गठित कार्यकारिणी की समीक्षा कराने की मांग की।

धर्मेंद्र राठौर के प्रभाव पर भी सवाल

प्रतिनिधिमंडल ने कांग्रेस नेता धर्मेंद्र राठौर के कथित राजनीतिक प्रभाव को लेकर भी प्रदेश अध्यक्ष के सामने शिकायत रखी। नेताओं का आरोप है कि अजमेर कांग्रेस के संगठनात्मक फैसलों में बाहरी राजनीतिक प्रभाव की भूमिका बढ़ी है, जिससे स्थानीय कार्यकर्ताओं में असंतोष पैदा हो रहा है। इसके साथ ही पूर्व में सामने आए संगठनात्मक विवादों और कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों की भी निष्पक्ष जांच की मांग की गई।

निगम चुनाव से पहले टिकट को लेकर भी नाराजगी

आगामी नगर निगम चुनावों को लेकर भी प्रतिनिधिमंडल ने गंभीर सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि कुछ वार्डों में संभावित प्रत्याशियों को पहले से ही मौखिक रूप से टिकट का आश्वासन दिए जाने की चर्चाएं चल रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि टिकट वितरण को लेकर पार्टी की ओर से कोई अधिकृत निर्णय नहीं हुआ है तो किसी पदाधिकारी द्वारा पहले से टिकट का आश्वासन देने का अधिकार किसे है।

कार्यकर्ताओं ने कहा कि टिकट वितरण का आधार किसी व्यक्ति की पसंद नहीं, बल्कि पार्टी के प्रति निष्ठा, जनाधार, जीतने की क्षमता और वर्षों की संगठनात्मक सक्रियता होना चाहिए।

चार प्रमुख मांगें रखीं

जयपुर पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के समक्ष चार प्रमुख मांगें रखीं। इनमें डॉ. राजकुमार जयपाल के कार्यकाल की निष्पक्ष जांच के लिए जांच कमेटी गठित करना, वर्तमान शहर कांग्रेस कार्यकारिणी में शामिल पदाधिकारियों की राजनीतिक पृष्ठभूमि एवं संगठनात्मक योगदान की समीक्षा करना, जयपाल के राजनीतिक इतिहास और उन पर लगाए गए कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोपों की जांच तथा आगामी नगर निगम चुनाव के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष टिकट चयन कमेटी गठित करना शामिल है।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि अजमेर कांग्रेस किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि हजारों कार्यकर्ताओं की पार्टी है। उन्होंने प्रदेश नेतृत्व से जमीनी और पुराने कार्यकर्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संगठन में पारदर्शिता और कार्यकर्ताओं को सम्मान देने की मांग की।

जयपुर पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में अमोलक सिंह छाबड़ा, अंकुर त्यागी, गुलाम मुस्तफा, श्याम प्रजापति, निर्मल बेरवाल, विपिन बेसिल, विजय नागोरा, मुजफ्फर भारती, नरेश सत्यावना, रेनू मेघवंशी, महेश चौहान, हितेश्वरी टांक, बालमुकुंद टांक, शिवराज भड़ाना, नीरज यादव, मनीष चौरसिया, राकेश धाबाई, मनीष सेठी, इमरान सिद्दीकी और दिनेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।