जयपुर। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सोमवार को कहा कि पार्टी के मूल कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देने के साथ जिम्मेदारियां केवल उन्हीं कार्यकर्ताओं को दी जानी चाहिए जिनमें संगठन के प्रति निष्ठा, समर्पण और संस्कार हों।
राजे ने आज भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस के अवसर भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित विचार संगोष्ठी में बोल रही थी। उन्होंने संगठन की जमीनी यात्रा, पुराने कार्यकर्ताओं के योगदान और आंतरिक अनुशासन पर विशेष बल दिया। उन्होंने प्रारंभिक दिनों की स्मृतियों को साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार सीमित संसाधनों और कम संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ पार्टी ने अपनी शुरुआत की थी।
उन्होंने कहा कि मूल कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। भाजपा के मूल विचारधारा से जुड़े कार्यकर्ताओं को हर समय सम्मान मिलना चाहिए। संगठन की ताकत उसके समर्पित कार्यकर्ता होते हैं, न कि वे लोग जो केवल अपने हितों के लिए पार्टी का उपयोग करते हैं। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारियां केवल उन्हीं कार्यकर्ताओं को दी जानी चाहिए जिनमें संगठन के प्रति निष्ठा, समर्पण और संस्कार हों।
उन्होंने कहा कि दायित्व देने से पहले कार्यकर्ताओं की पृष्ठभूमि और उनकी विचारधारा की प्रतिबद्धता को बार-बार जांचना आवश्यक है। भाजपा के मूल कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाए, जो बचपन से पार्टी की विचारधारा से जुड़े रहे हैं।
भाजपा का मूल सिद्धांत यही रहा है कि विचारधारा से कभी समझौता नहीं किया जाना चाहिए। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने हमेशा सिद्धांतों को सर्वोपरि रखा। उन्होंने कहा कि वाजपेयीजी का जीवन इस बात का प्रमाण है कि सत्ता से ज्यादा महत्वपूर्ण विचारधारा और नैतिकता होती है।



