
सबगुरु न्यूज – आबूरोड। देश में अवधिपार दवाओं के डिस्पोजल के लिए भारत सरकार ने गाइडलाइन बनाई हुई है। इस गाइडलाइन का संपूर्ण भारत में पालना किया जाना आवश्यक है।
उप जिला चिकित्सालय से सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार 26 मई 2025 को भारत सरकार के स्वास्थ्य निदेशालय के अधीन सेंट्रल ड्रग्स स्टेंडर्ड कंट्रोल आॅर्गेनाइजेशन (सीडीएससीओ) के ड्रग कंट्रोलर जनरल राजीवसिंह रघुवंशी के द्वारा भारत के सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के ड्रग नियंतकों को एक गाइडलाइन भेजी गई है। इसमें अवधिपार दवाइयों के निस्तारण के लिए संपूर्ण निर्देश दिए हुए हैं। इन निर्देशों के अनुसार उप जिला चिकित्सालय में दवाइयों का निस्तारण किया जाना प्रतीत नहीं होता है। इस गाइडलाइन की ही माने तो जो लापरवाही आबूरोड में बरती गई वो जानलेवा बन सकती है।

– फाइल में सजी रही गाइडलाइन
उप जिला चिकित्सालय ने सीडीएससीओ की गाइडलाइन अपने दफतर की फाइल में सजा तो रखी है लेकिन, चिकित्सालय परिसर में बिखरी पडी अवधिपार दवाइयां ये बता रही हैं कि इस गाइडलाइन की बिल्कुल भी पालना चिकित्सालय प्रशासन के द्वारा नहीं की गई है। सीडीएससीओ की गाइडलाइन का जो सबसे महत्वपूर्ण चिंता थी वो थी इन अवधिपार दवाइयों के कारण पर्यावरण, जानवरों और इंसानों को संभावित नुकसान को रोकना।
लेकिन, उप जिला चिकित्सालय के द्वारा बरती गई लापरवाही अब आपपास की कच्ची बस्तियों के बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। जिन स्थानों पर ये दवा जमीन के उपर ही फेंक कर मिट्टी से ढक दी गई है अब मिट्टी के खिसकने से दवाइयां बाहर आने लगी हैं। इन दवाइयों को आसपास की कच्ची बस्तियों के बच्चे खेलते हुए नजर आ जा रहे हैं। इनके केमिकल मिट्टी में मिलकर इनके लिए भी घातक बन सकते हैं।
– अनुपयोगी और अवधिपार दवाओं के लिए थी गाइडलाइन
सीएसडीसीओ के डीसीसी डिविजन की 58 वी बैठक में अवधिपार और अनुपयोगी दवाओं के निस्तारण के लिए गाइडलाइन बनाने का निर्णय किया था। अवधिपार दवाएं वो दवाएं हैं जिनके लेवल पर दी हुई अवधि समाप्त हो गई हो और अनुपयोगी दवाइयों की श्रेणी में उन दवाइयों को रखा गया था जो दवाइयां उपयोगकर्ता के उपयोग में नहीं आने के कारण लम्बे समय से पडी हों।
सूत्रो के अनुसार उप जिला चिकित्सालय में इन दवाइयों को मिट्टी में करीब साल भर पहले दबाया गया था। लेकिन, यहां पर सितम्बर 2025 को अवधिपार होने वाली दवाएं भी मिली हैं। ऐसे में इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि इस ढेर में अवधिपार और अनुपयोगी दोनों तरह की दवाइयां निस्तारित की गई हों।


