एआईएमआईएम ने पश्चिम बंगाल में हुमायूं कबीर से तोड़ा नाता

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कोलकाता/हैदराबाद। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने शुक्रवार को आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर के साथ अपना गठबंधन तोड़ने की घोषणा की है।

यह कदम हुमायूं कबीर से जुड़े विवादों और उन पर लगे आरोपों के बाद उठाया गया है। एआईएमआईएम का कहना है कि इन विवादों ने राज्य में मुसलमानों की अखंडता और प्रतिनिधित्व को लेकर चिंताएं पैदा कर दी हैं। एआईएमआईएम ने स्पष्ट किया है कि वह अब पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेगी।

सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में पार्टी ने कहा कि कबीर से जुड़े घटनाक्रमों ने बंगाल के मुस्लिम समुदाय की संवेदनशीलता को उजागर किया है और पार्टी ऐसे किसी भी बयान या कृत्य के साथ नहीं जुड़ सकती जो मुसलमानों की निष्ठा पर सवाल खड़ा करे।

एआईएमआईएम ने कहा कि दशकों के धर्मनिरपेक्ष शासनके बावजूद बंगाल के मुसलमान सबसे गरीब, उपेक्षित और उत्पीड़ित समुदायों में बने हुए हैं। पार्टी ने जोर देकर कहा कि एआईएमआईएम का राजनीतिक उद्देश्य हाशिए पर रहने वाले समुदायों को एक स्वतंत्र आवाज प्रदान करना है। साथ ही पार्टी ने यह भी घोषणा की कि भविष्य में पश्चिम बंगाल में उसका किसी भी राजनीतिक संगठन के साथ कोई गठबंधन नहीं होगा।

यह अलगाव तब हुआ है जब राजनीतिक हलकों में एक कथित स्टिंग वीडियो सामने आया है, जिसमें हुमायूं कबीर को कथित तौर पर विवादित टिप्पणी और राजनीतिक सौदेबाजी करते हुए दिखाया गया है। इन दावों ने राज्य में एक नया राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। हालांकि, कबीर ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीति से प्रेरित बताया है।