डॉ. अंबेडकर जयंती पर सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय में संगोष्ठी का आयोजन

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अजमेर। सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय में आज बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जन्म जयंती के उपलक्ष्य में संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

संगोष्ठी के मुख्य वक्ता प्रो. सोहनलाल गोसाई ने डॉ. अंबेडकर के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एक लोक कल्याणकारी राज्य की स्थापना के लिए बाबा साहेब द्वारा दिखाए गए मार्ग आज भी अनुकरणीय हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को डॉ. अंबेडकर के जीवन संघर्षों से सीख लेने की प्रेरणा दी। बाबा साहेब के आर्थिक चिंतन से प्रेरित भारत के विकास के ब्लू प्रिंट पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के दौरान सहायक निदेशक-अजमेर संभाग एवं अकादमिक प्रभारी प्रो. अनिल कुमार दाधीच ने बाबा साहेब के शिक्षा के प्रति समर्पण को रेखांकित किया। डॉ अंबेडकर केवल सामाजिक क्रांतिकारी नहीं थे, वे एक दूरदर्शी अर्थशास्त्री भी थे। जल प्रबंधन, औद्योगीकरण, श्रमिक अधिकार, महिला अधिकार और वित्तीय संस्थानों की अवधारणा पर उनके विचार अपने समय से बहुत आगे थे।

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. मनोज कुमार बहलवाल ने अध्यक्षीय उदबोधन में कहा कि डॉ. अंबेडकर का योगदान केवल संविधान निर्माण तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने समाज के सभी वर्गों और विशेष रूप से नारी उत्थान के लिए जो ऐतिहासिक प्रयास किए, वे राष्ट्र के उत्थान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

इस अवसर पर प्रो. नारायण लाल गुप्ता, प्रो. वंदना रंगा, प्रो. अतुल कुमार शर्मा, प्रो. लीलाधर सोनी, प्रो. दिलीप गेना, डॉ पोरस कुमार, डॉ. आदित्य शर्मा सहित अन्य प्रबुद्ध संकाय सदस्य उपस्थित रहे। अंत में डॉ. संजय तोमर ने सभी का आभार व्यक्त किया।