
सबगुरु न्यूज-सिरोही। जिला मुख्यालय पर आरएसएस का विवाद पीछा नहीं छोड़ रहा है। हिंदू मंदिरों की जमीन हो या श्मशान की जमीन। इन सबके विवाद से उबरे नहीं थे कि एक नया बवाल आ गया। इस बार संगठन के एक स्वयंसेवक ही दूसरे पर स्वयंसेवक और संघ के एक अन्य आनुषंगिक संगठन के पदाधिकारी पर निशाना साधा दिया। जो मसला था उस पर समूह में इस संगठन से जुड़े दूसरे कार्यकर्ताओं इन भी प्रतिक्रिया दी। दूसरे कार्यकर्ताओं ने पोस्ट से जुड़ी घटना को संघ को रुसवा करने वाला बताया। सिरोही जिला मुख्यालय पर प्रमुख व्हाट्स एप समूह में दी गई प्रतिक्रिया ने फिर से संगठन की समाज कल्याण के लिए कार्यकर्ता तैयार करने के दावे पर बहस छेड़ दी है।
– क्या लिखा हुआ इसमें?
सिरोही जिला मुख्यालय के प्रमुख व्हाट्स एप समूह में मेसेज 8 मई को सुबह 10:31 बजे एक संदेश आया। रामसेतु के मामले में कभी हिन्दू संगठन के नेताओं के साथ आंदोलनरत संघ के इस कार्यकर्ता ने अपने ही संगठन के एक पदाधिकारी की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाते हुए पोस्ट डाली थी।
इसके अनुसार सिरोही दूसरे धर्म में शादी करने का एक मामला आया था। कथित रूप से 6 मई को कानूनी सलाह देने वाले संघ से जुड़े वरिष्ठ कार्यकर्ता ने खुदको आरएसएस से जुड़ा बताकर इस मामले में लड़की की मां और अन्य परिजनों को अपने घर बुलवाया। उनसे न्यायालय में अर्जी लगाने इतने ज्यादा पैसे मांग लिए कि लड़की की मां बेहोश हो गई। उसे जलदाय चौराहा स्थिति होटल पर लाया गया। वहां पर नींबू पानी पिलाया गया।
इस पोस्ट के अनुसार महिला के परिजनों ने ये बात अन्य कार्यकताओं को बताई तो उन्होंने वहां पहुंचकर उनको मदद पहुंचाई और उन्हें राहत दिलवाई। अब कथित रूप से लव जिहाद के नाम पर हो हल्ला करने वाले संघ को उनके ही कार्यकर्ता घेरने लगे हैं। इस पोस्ट में इस कार्यकर्ता ने संघ को आईना दिखाते हुए लिखा कि संघ में ऐसे लोगों को तरजीह के कारण संघ से लोगों का विश्वास उठ रहा है जिसकी वजह से शाखाओं में भी लोग नहीं जुट रहे हैं।
– सोशल मीडिया पर घमासान
सूत्रों के अनुसार 8 मई को दोपहर में की गई इस पोस्ट की चर्चा दो दिन से सिरोही में है। सूत्रों के अनुसार दबाव बनाकर इस पोस्ट को तो हटा लिया गया लेकिन, इसके स्क्रीन शॉट ले लिए गए थे। दो दिन तक ये स्क्रीन शॉट सिरोही के व्हाट्स एप समूहों में घूमते रहे और इस पर बहस होती रही।
सिरोही के व्हाट्स एप समूहों में संघ से जुड़े कार्यकर्ताओं को संघ से जुड़े कार्यकर्ता, संघ से जुड़े इस कार्यकर्ता की संघ से जुड़े अन्य पदाधिकारी पर लगाए आरोपों की पोस्ट का स्क्रीन शॉट वायरल करके घेर हैं।और सिरोही में संघ के बड़े पदाधिकारियों की कार्यप्रणाली पर ही सवाल उठा दे रहे हैं। इस चर्चा में एक स्वयंसेवक ने तो कृष्णगंज के दंगे के मामले में भी संघ से जुड़े कार्यकर्ताओं की व्यथा बताते हुए उनके साथ भी ऐसे ही व्यवहार की चर्चा की।


