जयपुर। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली राज्य और केन्द्र सरकार पर अनियंत्रित मंहगाई, नीट पेपर लीक घोटाला, राज्य की स्वास्थ्य एवं शिक्षा प्रणाली के पतन और आर्थिक संकट का आरोप लगाया है।
डोटासरा ने मंगलवार को यहां मीडिया से बातचीत में ये आरोप लगाए। उन्होंने आसमान छूती मंहगाई पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पेट्रोल की कीमतें लगभग 110 तक पहुंच गई है। ईंधन की राशनिंग की जा रही है, जहां आम नागरिकों को केवल 1000 से 1500 का ईंधन मिल रहा है और उद्योगों के लिये यह सीमा एक लाख है।
देश में केवल 9 से 10 दिन का ईंधन भण्डार बचा है। उन्होंने आगाह किया कि यदि यही हालात रहे तो अगले 10 से 15 दिनों में लॉकडाउन जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाएगी, जिससे उद्योग और वाहनों का संचालन ठप हो जाएगा।
उन्होंने केन्द्र पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि एनटीए के अधिकारी 2019 से कोचिंग माफियाओं के साथ मिलीभगत कर पेपर बेच रहे हैं तथा इससे 22 लाख बच्चों का भविष्य बर्बाद हो रहा है और देश में फर्जी डॉक्टर बन रहे है। इसके खिलाफ 21 मई को जयपुर में भाजपा कार्यालय का विशाल घेराव और प्रदर्शन किया जाएगा।
डोटासरा ने कहा कि राज्य में कर्मचारियों को मई और अप्रैल का वेतन नहीं मिला है। 70 साल के इतिहास में पहली बार बिना वित्तीय स्वीकृति के जून का महीना आ रहा है। वित्त विभाग ने पीडब्ल्यूडी सडक़ों की 3000 करोड़ की घोषणाओं को अवैध रूप से डीएमएफटी फंड से वित्त पोषित करने के निर्देश दिए हैं, जो केवल खनन प्रभावित क्षेत्रों के लिए हैं।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पहले मिलने वाली 750 मुफ्त दवाईयों में से अब 50 भी मुफ्त नहीं मिल रही है। निजी अस्पतालों के 3000 करोड़ बकाया पड़े हैं। सरकार ने कोटा में हुई मौतों के प्रति भी उदासीनता दिखाई है।



