भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा में अंधविश्वास के कारण एक बालिका को निमोनिया होने पर गर्म लोहे से दागने का मामला सामने आया है। इस गलत उपचार के कारण बालिका की हालत और बिगड़ गई, जिसके बाद उसे गंभीर स्थिति में भीलवाड़ा के मुख्य चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।
मुख्य चिकित्सालय के प्रधान चिकित्साधिकारी डॉ अरुण गौड़ ने बताया कि शाहपुरा कस्बे की एक वर्ष की बालिका को हमारे चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती कराया गया है। उसे बुनियादी तौर पर निमोनिया की शिकायत है, लेकिन परिजनों या किसी अन्य व्यक्ति ने इसका उपचार मानकर, ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे अंधविश्वास के तहत उसे डाम (गर्म लोहे से दागना) लगा दिया।
उन्होंने बताया कि इससे बालिका की स्थिति और ज्यादा खराब हो गई है। फिलहाल बालिका हमारे चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती है और शिशु रोग विशेषज्ञ लगातार उसका उपचार कर रहे हैं।



