वाहनों की खुदरा बिक्री ने मई में बनाया नया रिकॉर्ड

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नई दिल्ली। देश में वाहनों की मांग में पिछले साल सितंबर से जारी तेजी अब भी बनी हुई है और वाहनों की खुदरा बिक्री ने मई महीने के पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए।

वाहन डीलरों से शीर्ष संगठन (फाडा) द्वारा वाहनों के पंजीकरण के आधार पर सोमवार को जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि इस साल यात्री वाहनों, तिपहिया, ट्रैक्टरों और कुल बिक्री का मई का नया रिकॉर्ड बना है। वाहनों की कुल बिक्री 25,31,067 इकाई दर्ज की गई जो पिछले साल मई के मुकाबले 9.55 प्रतिशत अधिक है, हालांकि इस साल अप्रैल (27.14 लाख) की तुलना में यह 6.75 प्रतिशत कम है।

एक और खास बात यह रही कि पहली बार कुल बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) का योगदान 11 प्रतिशत से ऊपर पहुंच गया है। मई में यात्री वाहनों की बिक्री, जिसमें कारें, उपयोगी वाहन और वैन शामिल हैं, सालाना 23.25 प्रतिशत बढ़कर 4,02,591 इकाई रही। तिपहियाकी बिक्री 3.56 फीसदी की वृद्धि के साथ 1,11,526 इकाई पर और ट्रैक्टरों की 11.17 फीसदी बढ़कर 83,092 इकाई पर रही।

दुपहिया की बिक्री 7.54 प्रतिशत बढ़ी और मई में 18,44,947 इकाई हो गयी। वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 5.29 फीसदी बढ़ी और 83,823 इकाई दर्ज की गई। इसमें 7.66 प्रतिशत की वृद्धि के साथ हल्के वाणिज्यिक वाहनों का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा।

फाडा के अध्यक्ष सीएम विग्नेश्वर ने इन आंकड़ों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया संकट के बावजूद मई में वाहनों की बिक्री अच्छी बनी रही। दुपहिया वाहनों में शहरी इलाकों में बिक्री 11.75 प्रतिशत बढ़ी है जबकि ग्रामीण इलाकों में 4.74 प्रतिशत की वृद्धि हुई। खास बात यह है दुपहिया में ईवी की हिस्सेदारी 9.25 प्रतिशत बढ़ी है। यह एक साल पहले 6.11 प्रतिशत पर थी।

वहीं, यात्री वाहनों की बिक्री ग्रामीण इलाकों में ज्यादा तेजी से बढ़ी। वहां इसकी वृद्धि दर 30.35 प्रतिशत रही जबकि शहरी इलाकों में यह 18.80 फीसदी दर्ज की गई। इसमें भी सीएनजी की हिस्सेदारी बढ़कर 23.34 प्रतिशत पर और ईवी की 6.63 प्रतिशत पर पहुंच गई।

विग्नेश्वर ने कहा कि कुल मिलाकर मई में वैकल्पिक ईंधन वाले वाहनों की हिस्सेदारी 38 प्रतिशत पर रही। कुल मिलाकर वाहनों की बिक्री में ईवी का योगदान पहली बार 11 प्रतिशत के पार पहुंचा है।