आबू राज। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि देश ने योग को कर्म योग से जोड़कर व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के तौर पर विकास की शक्ति को कई गुना बढ़ा दिया है और आज योग विश्वव्यापी जन आंदोलन बन चुका है।
शर्मा रविवार को बारहवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सिरोही जिले के आबूराज में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में योगाभ्यास किया और इस अवसर पर यह बात कही। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कोलकाता में दिये गये संबोधन को भी सुना।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अरावली की पावन गोद में बसा आबू राज अध्यात्म की भूमि है। यह हमारी सांस्कृतिक विरासत और प्रकृति तथा आत्मिक शांति का अद्भुत संगम है। यहां की निर्मल वायु, हरियाली और आध्यात्मिक वातावरण योग की मूल भावना को साकार करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कहते हैं कि जैसे योग शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा को जोड़ता है, वैसे ही योग विश्व को भी जोड़ रहा है। यह गर्व का विषय है कि हमारी प्राचीन योग की परंपरा मानवता के कल्याण का वैश्विक माध्यम बन चुकी है।
शर्मा ने कहा कि इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम ‘स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग’ है। इसका संदेश यह है कि योग केवल युवाओं तक सीमित नहीं, बल्कि यह बढ़ती उम्र के लोगों को भी शारीरिक रूप से सक्रिय, मानसिक रूप से संतुलित और भावनात्मक रूप से मजबूत रखने का सशक्त माध्यम है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की वैश्विक कूटनीति की बदौलत योग को संयुक्त राष्ट्र से मान्यता मिली। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में दुनिया को योग से परिचित कराया, जिसके पश्चात संयुक्त राष्ट्र संघ ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने की पहल की। यह भारत की सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक शक्ति और वैश्विक नेतृत्व का सम्मान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 21 जून 2015 को आयोजित पहले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर प्रधानमंत्री के साथ 35 हजार 985 लोगों ने एक साथ योग कर विश्व रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने कहा कि राजस्थान को भी योग में विशेष पहचान मिली है। वर्ष 2018 में कोटा में एक लाख पांच हज़ार से अधिक लोगों ने एक साथ योग कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। साथ हीं, वर्ष 2025 में योग संगम पोर्टल पर 85 लाख से अधिक प्रतिभागियों के पंजीकरण के साथ राजस्थान पूरे देश में पहले स्थान पर रहा।
अरावली की वादियों में नक्की झील के किनारे आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जनसमूह को मन की स्थिरता, आत्मविकास, कर्तव्यनिष्ठा तथा समाज और विश्व में शांति, आनंद एवं स्वास्थ्य के संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध रहने की शपथ दिलाई। साथ ही सफेद गुब्बारे उड़ाकर विश्व शांति एवं निरोगी राजस्थान का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर पंचायतीराज राज्य मंत्री ओटा राम देवासी, उद्योग एवं वाणिज्य राज्य मंत्री केके विश्नोई, सांसद मदन राठौड़ एवं लुम्बाराम चौधरी, विधायक समाराम, मुख्य सचिव श्रीनिवास तथा अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं आमजन मौजूद थे।



