चंडीगढ़/गुरुग्राम। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के कथित वायरल वीडियो को लेकर चल रहे विवाद में नया मोड़ आ गया है और आरोप है कि राज्य के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने गुरुग्राम स्थित एक फाइव स्टार होटल में बैठक कर वीडियो को डीपफेक साबित करने के लिए फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार करवाई थी। इस मामले से जुड़ा कथित सीसीटीवी फुटेज और व्हाट्सएप चैट सामने आने के बाद विवाद और गहरा गया है।
आरोप के अनुसार 16 जून को गुरुग्राम के क्राउन प्लाजा होटल में हुई बैठक में पांच लोग मौजूद थे। इनमें दो मुख्य आरोपी, एक शिकायतकर्ता और पंजाब पुलिस के दो वरिष्ठ अधिकारी शामिल बताये जा रहे हैं। आरोप है कि इस बैठक का उद्देश्य मुख्यमंत्री के कथित वायरल वीडियो की जांच को प्रभावित करना और उनके पक्ष में रिपोर्ट तैयार करवाना था।
मामले में शिकायतकर्ता और फोरेंसिक विशेषज्ञ जसप्रीत सिंह ने आरोप लगाया है कि उनसे 10 लाख रुपए की डील की गई थी। उनका दावा है कि साइबर यान और सिफर सेंटिनल लैब से रिपोर्ट तैयार करवाई गई, जबकि ये लैब सरकारी मान्यता प्राप्त नहीं हैं।
सामने आई कथित व्हाट्सएप चैट में रिपोर्ट के कुछ हिस्सों में बदलाव, तकनीकी टिप्पणियों को संशोधित करने और निष्कर्ष को मजबूत बनाने जैसी चर्चाएं दिखाई देने का दावा किया गया है। इन चैट्स और सीसीटीवी फुटेज की हालांकि स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
गुरुग्राम पुलिस इस मामले में दो युवकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच कर रही है। मामले को लेकर अब तक संबंधित अधिकारियों या पंजाब सरकार की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी।



