चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए देश के युवाओं को नशे से दूर रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा ने दृढ़ संकल्प के साथ नशे के दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण किया है, जबकि पंजाब इस चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटने में विफल रहा है।
कोटकपूरा (पंजाब) में आयोजित नशा मुक्त युवा–विकसित भारत संकल्प अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार राहगिरी साइक्लोथॉन और मैराथन जैसे आयोजनों के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ रही है। वहीं उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार नशे पर नियंत्रण और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने में सफल नहीं हो पाई है।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से 100 सप्ताह के राष्ट्रव्यापी नशा मुक्त युवा–विकसित भारत संकल्प अभियान का शुभारंभ किया। इस अभियान के तहत देशभर के 28 हजार स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में एक करोड़ से अधिक युवाओं ने भाग लिया।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार के नशामुक्ति अभियान से युवाओं को नशे के दुष्चक्र से बाहर निकालने में मदद मिली है जबकि पंजाब में समय के साथ नशे की समस्या बढ़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में युवाओं को रोजगार नहीं मिलने के कारण वे नशे की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में भाजपा सरकार बनने पर हरियाणा की तर्ज पर किसानों और युवाओं के लिए कल्याणकारी योजनाएं लागू की जाएंगी। उन्होंने बताया कि हरियाणा में 24 फसलों की एमएसपी पर खरीद और फल-सब्जियों के लिए भावांतर भरपाई योजना लागू है, जिसका लाभ भविष्य में पंजाब के किसानों को भी देने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने युवाओं से नशे के दुष्प्रभावों को समझने, स्वयं इससे दूर रहने और दूसरों को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।



