खैरथल-तिजारा। राजस्थान में खैरथल-तिजारा जिले के भिवाड़ी पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि यह गिरोह भिवाड़ी की पॉश आशियाना टाउन सोसायटी में गुमनाम तरीके से रहकर भारत ही नहीं, बल्कि अमरीका, कनाडा और अफ्रीका के नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कानूनी नोटिस के जरिए अपना शिकार बना रहा था।
शुरुआती जांच में करीब एक लाख डॉलर (करीब 96 लाख रुपये) की ठगी सामने आयी है, जबकि पुलिस को आशंका है कि यह रकम इससे कहीं अधिक हो सकती है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सात लैपटॉप, चार मोबाइल फोन और एक स्कॉर्पियो-एन कार जब्त की है।
पुलिस ने बताया कि गश्त एवं जांच के दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली की भारत के कई राज्यों से लेकर विदेशों तक साईबर ठगी करने वाला गिरोह भिवाडी की पोश सोसायटी में गुमनाम तरीके से रहकर लगातार साईबर ठगी की वारदात को अन्जाम दे रहा है। इस पर पुलिस ने मौके पर जाकर दबिश दी।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने आशियाना टाउन के दो फ्लैटों की दीवार तोड़कर उन्हें एक बड़े कॉल सेंटर में बदल दिया था। यहां हाई-स्पीड इंटरनेट, राउटर, यूपीएस, हेडफोन और कई लैपटॉप लगाकर पूरा कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था।
आरोपी अंग्रेजी में धाराप्रवाह बातचीत करते थे और खुद को अमरीका के न्याय विभाग, साइबर सुरक्षा एजेंसियों या अन्य सरकारी विभागों का अधिकारी बताकर लोगों को फोन करते थे।
गिरोह के सदस्य विदेशी नागरिकों को फोन कर कहते थे कि उनका नाम चाइल्ड पोर्नोग्राफी, साइबर हैकिंग, क्रेडिट कार्ड डेटा लीक या किसी अन्य गंभीर अपराध में सामने आया है। इसके बाद उन्हें फर्जी गिरफ्तारी वारंट, सेटलमेंट नोटिस और कानूनी दस्तावेज भेजकर डराया जाता था। इसके बाद पीड़ितों को डिजिटल अरेस्ट में लेकर उनसे भारी रकम वसूली जाती थी। गिरोह का मुख्य निशाना बुजुर्ग और तकनीकी जानकारी से कम परिचित लोग थे।
ठगी से प्राप्त डॉलर और अन्य विदेशी मुद्रा को ऑनलाइन क्रिप्टोकरेंसी में बदला जाता था और बाद में भारतीय मुद्रा में बेचकर रकम हासिल की जाती थी। भिवाड़ी पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में मोहित गुप्ता (35) निवासी दिल्ली, राहुल सिंह (34) निवासी दिल्ली और जैम्स अनिल मण्डल (35) निवासी कोलकाता शामिल हैं।



