फिरोजाबाद : बेटी और बहू से रेप के आरोपी को अंतिम सांस तक जेल की सजा

0

फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश में फिरोजाबाद जिले की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने एक व्यक्ति को नाबालिग बेटी और बहू के साथ दुष्कर्म का दोषी करार देते हुये अंतिम सांस तक कारावास की सजा सुनाई है।

जिला न्यायालय मे फास्ट ट्रैक एडीजे प्रथम ने इस गंभीर मामले में सुनवाई के पश्चात मंगलवार देर शाम को अपना निर्णय सुनाते हुए आरोपी को शेष जीवन की अंतिम सांस तक जेल की सजा सुनाई गई। एक लाख रुपया आर्थिक दंड भी लगाया गया है। जिसका 80 प्रतिशत दोनों पीडिताओं को दिया जाएगा।

मामला नगर के थाना दक्षिण क्षेत्र का है जहां नेहरू नगर निवासी एक व्यक्ति ने 11 मई 2024 को पुलिस में अपनी पत्नी बेटे, बेटी और बहू के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने संबंधित मामले में कार्रवाई करते हुए एक हफ्ते बाद पूरे परिवार के चारों लोगों को अलीगढ़ से बरामद किया गया। जब परिवार के लोगों से अचानक घर छोड़कर गायब होने का कारण पूछा गया तो पुलिस के सामने परिवार के मुखिया का अत्यंत घिनौना चेहरा सामने आया।

शिकायतकर्ता की पत्नी ने ही पुलिस को बताया कि उसका पति दबंग है जो परिवार की विरोध की बावजूद अपने नाबालिग बेटी और बहू के साथ कई महीनो से लगातार दुष्कर्म कर रहा है। परिवार की इज्जत की खातिर चुपचाप बेटे के दोस्त के यहां संरक्षण ले लिया था। पुलिस ने फिर पीडिताओं के बयान के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई करते हुए आरोपी को जेल भेज दिया था।

संबंधित मामले में थाना दक्षिण प्रभारी द्वारा चार्ज शीट दाखिल करने के बाद ए डी जे प्रथम देवव्रत ने मामले की सुनवाई के बाद मंगलवार देर शाम अपना निर्णय सुनाते हुए अभियुक्त को रेप का दोषी मानकर उम्र कैद की सजा शेष जीवन की अंतिम सांस तक सुनाई गई। एक लाख रुपए का आर्थिक दंड भी लगाया गया जिसमें से 80 प्रतिशत दोनों पीड़िताओ में बांटा जाएगा।

उक्त मामले में न्यायाधीश ने सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की सभी दलीलों को खारिज करते हुए कहा गया कि पीड़ित परिवार की तीन महिलाओं आरोपी की पत्नी ,पुत्री और बहू के ठोस बयान अकाट्य और विश्वसनीय है।

न्यायालय ने कहा की अभियुक्त द्वारा अपनी सगी पुत्री और पुत्र वधू के साथ दुष्कर्म जैसा घिनौना कु कृत्य किया गया है वह अभियुक्त के आचरण से विदित होता है कि उसे अपने कु कृत्य का कोई पश्चाताप भी नहीं है ऐसे कृत्य से केवल परिवार ही नहीं संपूर्ण समाज को अपूर्णक्षति हुई है दोषी के लिए कठोरतम सजा न्यायोचित है।