राजनांदगांव : नाबालिग से गैंगरेप और देह व्यापार मामले में 5 दोषियों को अंतिम सांस तक कारावास

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राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव की फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने नाबालिग का अपहरण कर उससे जबरन देह व्यापार कराने और सामूहिक दुष्कर्म के मामले में दो महिलाओं समेत पांच दोषियों को अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

अपर सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार बारा की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद साधना उर्फ संध्या वैष्णव, मुस्कान गोस्वामी, चेतन नवरंगे, तोरण सोनकर और धनंजय धुतलहरे को दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई।

विशेष लोक अभियोजक प्रिया कंवरिया के अनुसार मामला फरवरी 2024 का है। छुरिया थाना क्षेत्र की नाबालिग बैंक जाने की बात कहकर घर से निकली थी और अपने एक दोस्त से मिलने रायपुर पहुंची थी। दोस्त के नहीं मिलने पर वह परेशान थी। इसी दौरान बस में उसकी मुलाकात साधना उर्फ संध्या वैष्णव से हुई। संध्या उसे अपने साथ घर ले गई और बाद में मुस्कान गोस्वामी के यहां रख दिया।

अभियोजन के मुताबिक नाबालिग ने जब घर वापस जाने की बात कही तो उसे बाहर निकलने से रोक दिया गया। आरोपियों ने उसे करीब तीन सप्ताह तक रायपुर में रखा और बाद में रायगढ़ ले गए। वहां उसे डरा-धमकाकर अलग-अलग ग्राहकों के पास भेजा गया और जबरन देह व्यापार कराया गया। इसी दौरान चेतन नवरंगे, तोरण सोनकर और धनंजय धुतलहरे को ग्राहक के रूप में बुलाया गया। अदालत के समक्ष पेश साक्ष्यों के अनुसार तीनों ने नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।

पीड़िता के पास मोबाइल फोन नहीं था। बाद में मौका मिलने पर उसने एक व्यक्ति से फोन लेकर अपने भाई से संपर्क किया और घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद उसके भाई ने छुरिया थाने में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने मामले की जांच के बाद संध्या वैष्णव, मुस्कान गोस्वामी, चेतन नवरंगे, तोरण सोनकर और धनंजय धुतलहरे को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर विशेष अदालत ने पांचों को दोषी ठहराते हुए अंतिम सांस तक कारावास की सजा सुनाई।