गांव के खेत-खलिहान से पूरा होगा विकसित भारत का सपना : भजनलाल शर्मा

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उदयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि गांव के खेत-खलिहान से विकसित भारत-2047 का सपना पूरा होगा। शर्मा शनिवार रात उदयपुर में झाड़ोल के ग्राम बीड़ा में ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर किसान प्राकृतिक एवं आधुनिक खेती करें, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों को छह हजार रुपए की सम्मान निधि दी है वहीं, इसी कड़ी में राज्य सरकार ने भी तीन हजार रुपए की सम्मान निधि देने का काम किया है, जिससे अब प्रदेश में किसानों को नौ हजार रुपये की सम्मान निधि मिल रही है। उन्होंने कहा कि किसानों के कल्याण के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता से काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि 76.18 लाख किसानों को अब तक 13 हजार 734 करोड़ रुपए की सम्मान निधि दी गई है। गेंहू की खरीद पर 150 रुपए का बोनस भी दिया हैं। वहीं, 1.8 लाख किसानों को 67 हजार करोड़ रुपए ब्याज मुक्त अल्पकालीन फसली ऋण दिए हैं। उन्होंने कहा कि पीएम फसल बीमा योजना में 2.19 करोड़ पॉलिसी सृजित कर 9 हजार 534 करोड़ रुपए का क्लेम वितरित किया है। पीएम कुसुम योजना के घटक बी में 67 हजार 408 सोलर पंप स्थापित किए हैं। इसी प्रकार 2 लाख 31 हजार से अधिक कृषि कनेक्शन भी दिए हैं। बिजली के बिलों में 59 हजार 571 करोड़ रुपए का अनुदान दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2027 तक सभी जिलों में किसानों को दिन में बिजली दी जाएगी। ऊर्जा क्षेत्र में राज्य सरकार के ठोस निर्णयों से वर्तमान में 26 जिलों के किसानों को दिन में बिजली मिल रही है। राज्य सरकार विभिन्न पेयजल परियोजनाओं पर काम कर रही है, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि लघु एवं सीमांत किसानों को बैलों से खेती करने पर 30 हजार रुपए प्रतिवर्ष की प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान किया गया है।

शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं से किए सभी वायदों को पूरा कर रही है। सबसे पहले पेपरलीक पर लगाम लगाने के लिए एसआईटी का गठन किया। एसओजी भी पेपरलीक माफिया के खिलाफ निरंतर ठोस कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अब तक 1 लाख 78 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्तियां दी गई हैं। चार लाख सरकारी नौकरी देने के वादे को पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवा स्वरोजगार की ओर बढ़ें, इसके लिए हमारी सरकार मदद उपलब्ध करवा रही है।

मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान किसान गोपीलाल, रतन सिंह, प्रेमचंद, भैरूलाल गरासिया एवं कांता देवी ने कृषक कल्याण की योजनाओं और प्राकृतिक खेती से जुड़े अनुभव साझा किए। सरकारी नौकरी में नवनियुक्त युवा परिधि कंवर, भगवती लाल गायरी, देवी लाल गायरी ने पेपरलीक पर प्रभावी अंकुश लगाने एवं पारदर्शी प्रक्रिया के साथ भर्ती परीक्षाओं के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद दिया। इसी प्रकार, पशुपालकों ने भी राज्य सरकार की योजनाओं के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम में संवाद के दौरान ग्रामीणों को विभिन्न सौगातें दीं। किसान गोपीलाल के आग्रह पर उन्होंने कुएं के निर्माण की घोषणा की। जिस पर तुरंत ग्राम बीड़ा में जीएसएलआर, ओपन वेल, पाइपलाईन और एफएचटीसी के निर्माण के लिए लगभग 39 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति के आदेश जारी किए गए। मुख्यमंत्री ने किसानों को स्वीकृति पत्र सौंपा।

इसी प्रकार मुख्यमंत्री ने पशु सखी की मांग पर सरस डेयरी सेंटर खोलने एवं युवा भगवती लाल गायरी के आग्रह पर खेल मैदान बनाने की घोषणा की। इन घोषणाओं की भी तुरंत स्वीकृतियां जारी की गई। ग्रामीणों ने इन महत्वपूर्ण घोषणाओं और इनकी हाथों हाथ स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, राजस्व मंत्री हेमंत मीणा, सांसद मन्नालाल रावत, विधायक प्रताप लाल भील, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

भजनलाल ने बीड़ा गांव की सैर कर ग्रामीणों से किया संवाद

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उदयपुर जिले में झाड़ोल के बीड़ा गांव में रविवार को सुबह की सैर की और ग्रामीणों से संवाद किया। शर्मा ने गांव में ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम में भाग लेने के बाद रात्रि विश्राम गांव में ही किया और सुबह गांव की सैर की। इस दौरान उन्होंने गांव की गलियों में पैदल जाकर महिलाओं, बुजुर्गों एवं किसानों से संवाद किया तथा बच्चों को दुलारा और चॉकलेट वितरित की। मुख्यमंत्री ने आवरा माता मंदिर में दर्शन किए, ग्रामीणों के साथ चाय पर चर्चा एवं पौधारोपण किया। इस दौरान ग्रामीणों की मांग पर मुख्यमंत्री ने जल निकासी की समुचित व्यवस्था सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए तथा ग्रामीणों को स्वच्छता के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, राजस्व मंत्री हेमंत मीणा तथा अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद थे।