अलवर। राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने सोमवार को कहा कि कांग्रेस निकाय और पंचायत चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है।
जूली ने यहां पत्रकारों से कहा कि पार्टी में किसी तरह का कोई झगड़ा या मनमुटाव नहीं है, जबकि भारतीय जनता पार्टी अपनी अंदरूनी स्थिति से परेशान है। उन्होंने कहा कि भाजपा कांग्रेस पर आरोप लगाने से पहले अपनी गिरेबान में झांककर देखे। न्यायालय की फटकार के बाद सरकार को चुनाव कराने पड़ रहे हैं। भाजपा को अपनी हार साफ दिखाई दे रही है, इसलिए वह नगर निगम, नगर परिषद, नगर पालिका और पंचायत चुनाव समय पर नहीं कराना चाहती।
जूली ने कहा कि भाजपा बार-बार पर्यवेक्षक बदल रही है, जिससे साफ है कि पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है। कांग्रेस के पर्यवेक्षक पूरी सक्रियता और मजबूती के साथ काम कर रहे हैं। भाजपा चुनाव मैदान में उतरने की स्थिति में नहीं है, क्योंकि उसे हार का डर सता रहा है। उन्होंने दावा किया कि जनता सरकार से नाराज है और इसका असर चुनाव परिणामों में दिखाई देगा।
उन्होंने छात्रसंघ चुनाव नहीं कराने के मुद्दे पर भी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि हाल ही में जयपुर में छात्र अपनी मांगों को लेकर पानी की टंकी पर चढ़ गए थे। वे उनसे मिलने पहुंचे, लेकिन मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने छात्रों की बात सुनना तक जरूरी नहीं समझा। छात्रसंघ चुनाव लोकतंत्र की पहली पाठशाला है, जहां छात्र अपने अधिकारों और हितों की आवाज बुलंद करते हैं।
जूली ने कहा कि राजस्थान में एक 10 से अधिक विधायक छात्रसंघ राजनीति से निकलकर आए हैं, जिन्होंने हमेशा छात्रों और युवाओं के मुद्दे मजबूती से उठाए हैं। भाजपा छात्रों की आवाज दबाना चाहती है। पिछले तीन वर्षों से छात्रसंघ चुनाव नहीं कराये जा रहे, जिससे साफ है कि सरकार का युवाओं के मुद्दों से कोई सरोकार नहीं है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने के पक्ष में है और चुनाव से कभी नहीं भागती, जबकि भाजपा हार के डर से लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में भी देरी कर रही है।



