नई दिल्ली। पाकिस्तानी खुफिया तंत्र के हनी-ट्रैप का शिकार होने के आरोपों में भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के एक सेवारत अधिकारी को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि दिल्ली पुलिस ने इस मामले में आरोप पत्र भी दाखिल कर दिया है।
वायुसेना अधिकारियों की शिकायत के आधार पर 30 मई को इस अधिकारी को गिरफ्तार किया गया था। इन आरोपों के संबंध में उसके खिलाफ कानून की प्रासंगिक धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। दिल्ली पुलिस ने 30 जुलाई को संबंधित अदालत में आरोप पत्र पेश कर दी है। फिलहाल यह मामला अदालत के समक्ष विचाराधीन है।
सूत्रों के मुताबिक अधिकारी पर पाकिस्तानी खुफिया जासूस के साथ संवेदनशील जानकारियां साझा करने का संदेह है। सूत्रों ने बताया कि पुलिस की विशेष जांच टीम इस मामले में अन्य तार जुड़े होने की संभावनाओं की भी जांच कर रही है।
वायुसेना ने पहले कहा था कि अधिकारी लगातार निगरानी में था और बाद में उसे संबंधित कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सौंप दिया गया।
सूत्रों ने बताया कि अधिकारी पर कुछ समय से नजर रखी जा रही थी और सक्रिय प्रति-खुफिया उपायों के तहत उसे हिरासत में लिया गया। उन्होंने कहा कि वायुसेना राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने वाली गतिविधियों के प्रति शून्य-सहिष्णुता की नीति अपनाती है।
सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि खुफिया जासूस अक्सर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी पहचान बनाकर सैन्य कर्मियों से संपर्क साधते हैं। ऑनलाइन बातचीत के जरिये संपर्क बनाने के बाद वे विश्वास हासिल करते हैं और फिर उन्हें संवेदनशील जानकारियां साझा करने के लिए बरगलाने की कोशिश करते हैं।
सूत्रों के अनुसार ऐसे जासूस अक्सर छात्र बनकर या सशस्त्र बलों की कार्यप्रणाली व जीवनशैली में रुचि दिखाने वाले आम व्यक्ति के रूप में सामने आते हैं और धीरे-धीरे अपने शिकार से गोपनीय जानकारियां निकलवाने का प्रयास करते हैं।



