फरीदाबाद। हरियाणा में फरीदाबाद की स्थानीय अदालत ने वर्ष 2023 में मुजेसर थाना क्षेत्र में युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या के मामले में दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुरुषोत्तम कुमार की अदालत ने मंगलवार को दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा और जुर्माना लगाया। करीब तीन साल चली न्यायिक प्रक्रिया में फरीदाबाद पुलिस ने मामले को चिन्हित अपराध की श्रेणी में रखकर प्रभावी पैरवी की।
दोषियों की पहचान प्रहलाद, निवासी मथुरा, उत्तर प्रदेश, जो फरीदाबाद के मुजेसर में किराये पर रहता था और मुकेश, निवासी गौतमबुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश, जो फरीदाबाद के सेक्टर-7 में किराये पर रहता था, के रूप में हुई है। दोनों को पुलिस ने 27 अप्रैल 2023 को गिरफ्तार किया था।
पुलिस के अनुसार, दोनों ने 2023 में मुजेसर थाना क्षेत्र में युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया और उसके बाद गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने बताया कि घटना के बाद सबूत मिटाने और मौत को दूसरा रूप देने के कथित प्रयास में शव को फंदे पर लटका दिया गया। पीड़िता के भाई की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच डीएलएफ अपराध शाखा, फरीदाबाद को सौंपी गई। टीम ने जांच के दौरान भौतिक और तकनीकी साक्ष्य जुटाए तथा दोनों आरोपितों को गिरफ्तार किया। जांच पूरी करने के बाद पुलिस ने 29 जुलाई 2023 को अदालत में चालान पेश किया।
उप जिला न्यायवादी डॉ. रेखा जांगड़ा के अनुसार मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 25 गवाहों के बयान अदालत में दर्ज कराए गए। गवाहों के बयानों के साथ पुलिस द्वारा जुटाए गए भौतिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन पक्ष ने अदालत में मामले की प्रभावी पैरवी की।
फरीदाबाद पुलिस ने मामले को चिह्नित अपराध की श्रेणी में रखकर प्रत्येक सुनवाई के दौरान प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की। पुलिस के अनुसार, गंभीर मामलों में वैज्ञानिक और साक्ष्य आधारित जांच तथा अदालत में मजबूत पैरवी पर जोर दिया जा रहा है, ताकि दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाई जा सके।



