जयपुर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बुधवार को सलूम्बर में कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के खाद्य सुरक्षा अधिकारी घनश्याम सिंह सोलंकी को 10 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि परिवादी ने गत दस जुलाई को परिवादी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी ग्राम डगार स्थित पुश्तैनी किराणा दुकान एवं गौण कृषि उपज मण्डी, सलूम्बर स्थित कोका-कोला कोल्ड ड्रिंक एजेन्सी पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी घनश्याम सिंह सोलंकी द्वारा निरीक्षण एवं सैम्पल लेने के नाम पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है तथा जुर्माना लगाने, प्रकरण दर्ज करने एवं जेल भिजवाने की धमकी देकर साल में दो बार दस-दस हजार रुपए रिश्वत देने की मांग करते हुए रिश्वत की मांग की जा रही है।
इसके बाद शिकायत के संबंध में मांग सत्यापन के दौरान सोलंकी द्वारा परिवादी से रिश्वत राशि की मांग किए जाने की पुष्टि हुई तथा आरोपी ने अपने सरकारी अनुबन्धित वाहन में परिवादी से डगार स्थित दुकान के 10 हजार रुपए की रिश्वत प्राप्त कर ली तथा गौण कृषि उपज मण्डी, सलूम्बर स्थित एजेन्सी के 10,000 रुपए बाद में प्राप्त करना तय किया।
मांग की पुष्टि के उपरांत एसीबी टीम ने घनश्याम सिंह सोलंकी को उनके कार्यालय परिसर में परिवादी से 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी सोलंकी की शक्तियां छीनी
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय ने रिश्वत मामले में पकड़े जाने के बाद सलूम्बर में कार्यरत अधिकृत खाद्य सुरक्षा अधिकारी घनश्याम सिंह सोलंकी की खाद्य सुरक्षा अधिकारी के रूप में प्रदत्त शक्तियां तत्काल प्रभाव से वापस ले ली।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई उनके संबंध में प्राप्त शिकायत तथा अभिहित अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सलूम्बर से प्राप्त तथ्यात्मक रिपोर्ट के आधार पर की गयी है। सोलंकी मूल रूप से वरिष्ठ रेडियोग्राफर के पद पर कार्यरत हैं तथा उन्हें पूर्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारी की शक्तियां प्रदान की गई थीं। अब उन्हें खाद्य सुरक्षा अधिकारी के प्रभार से मुक्त कर दिया गया है।
सोलंकी को तत्काल निदेशक (अराजपत्रित), चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, राजस्थान, जयपुर के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अभिहित अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सलूम्बर को उनके विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव तैयार कर निदेशालय के माध्यम से आयुक्तालय को भिजवाने के निर्देश दिए गए हैं।



