नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के न्यूयॉर्क में प्रस्तावित कार्यक्रम के प्रायोजक संगठन अमरीकन हिंदूज़ फॉर एंगेजमेंट एंड डायलॉग (एहेड फॉरम) का एक्स अकाउंट, मैडिसन स्क्वायर गार्डन में उनके तय संबोधन से कुछ दिन पहले सस्पेंड कर दिया गया है।
एट एहेडफॉरम1 हैंडल से चलाया जाने वाला इस संगठन का अकाउंट गुरुवार को एक्स पर उपलब्ध नहीं दिखा रहा था। यह स्थगन यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन से ठीक पहले हुआ है, जो 29 अगस्त को मैडिसन स्क्वायर गार्डन के इन्फोसिस थिएटर में होने वाला है।
इस कार्यक्रम में लगभग 5,000 भारतीय-अमरीकियों के शामिल होने की उम्मीद है और यह आरएसएस के शताब्दी वर्ष के दौरान उसके वैश्विक संपर्क अभियान के हिस्से के रूप में आयोजित किया जा रहा है।
एहेड फॉरम खुद को अमरीका स्थित एक गैर-लाभकारी संगठन बताता है जो समुदायों के बीच बातचीत, नागरिक भागीदारी, अंतर-धार्मिक सहयोग और आपसी समझ को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है।
संगठन का कहना है कि उसके कार्यक्रम हिंदू-अमरीकी, अंतर-धार्मिक और सामुदायिक नेताओं को एक साथ लाते हैं ताकि आपसी समझ और सांस्कृतिक जुड़ाव को बढ़ावा दिया जा सके। यह 501(सी)(3) गैर-लाभकारी संस्था के रूप में पंजीकृत है और इसका कहना है कि इस कार्यक्रम को 135 से ज़्यादा हिंदू-अमरीकी संगठनों का समर्थन प्राप्त है।
भागवत के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर मचे राजनीतिक विवाद के बीच यह निलंबन हुआ है। न्यूयॉर्क शहर के मेयर ज़ोहरान ममदानी ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि वह इस कार्यक्रम का समर्थन नहीं करते हैं।
ममदानी से मंगलवार को जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या इस कार्यक्रम को रद्द किया जाना चाहिए, तो उन्होंने कहा कि मैं इस रैली का समर्थन नहीं करता, लेकिन मुझे नहीं पता कि किसी निजी कार्यक्रम को रद्द करने का अधिकार शहर प्रशासन के पास है या नहीं।
न्यूयॉर्क शहर के मेयर बनने वाले पहले मुस्लिम और भारतीय-अमरीकी ममदानी ने आरएसएस से जुड़े आंदोलन की भेदभावपूर्ण सोच की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि मेरे परिवार ने मुझे भारत की जो छवि दिखाई और जिसे मैंने करीब से जाना, वह एक ऐसे धर्मनिरपेक्ष गणराज्य और विविधतापूर्ण समाज की थी, जिसमें भारत के हर व्यक्ति को अपना माना जाता था।
ममदानी ने कहा कि एक ऐसे आंदोलन का बढ़ना बेहद चिंताजनक है, जो उनके अनुसार, दूसरों को अलग-थलग करने वाली सोच पर आधारित है। उनकी बातों की भारतीय-अमरीकी समुदाय के कुछ हिस्सों ने आलोचना की है और भारतीय राजनीतिक दलों की ओर से इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आई हैं।
वामपंथी-उदारवादी समूहों ने भी इस कार्यक्रम की आलोचना की है और इसे रद्द करने की मांग की है। इस विवाद के कारण अमेरिका स्थित गैर-लाभकारी संगठन, हिंदू अमरीकन फाउंडेशन (एचएएफ) ने सुरक्षा से जुड़ी सलाह भी जारी की है।
एचएएफ ने कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों से सतर्क रहने, अपने आस-पास के माहौल पर नज़र रखने और दूसरों के साथ शालीनता से पेश आने की अपील की है। इसके साथ ही, उन्होंने ममदानी और शहर के अधिकारियों से कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को भी कहा है।
वहीं, आयोजकों ने 29 अगस्त के इस कार्यक्रम को हिंदू-अमरीकी विरासत और अलग-अलग धर्मों के बीच एकता के उत्सव के तौर पर पेश किया है। कार्यक्रम की वेबसाइट पर इसे यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन (सार्वभौमिक एकता का उत्सव) बताया गया है।



