
सबगुरु न्यूज-सिरोही। प्रदेश भर में नगर निकायों के चुनावों के लिए नामांकन की तिथि सोमवार को समाप्त हो गई। सिरोही जिले के भी छहों निकायों में नामांकन प्रक्रिया तीन बजे बंद हो गई। देर रात तक छहों नगर निकायों के रिटर्निंग अधिकारियों ने प्रत्याशियों की डिटेल ऑनलाइन कर दी। इनको खंगालते हुए पंचायती राज राज्य मंत्री ओटाराम देवासी की विधानसभा और भाजपा जिलाध्यक्ष रक्षा भंडारी के शहर शिवगंज के वार्ड संख्या 25 में वो दिखा तो जिले के किसी भी निकाय के वार्ड में नजर नहीं आया। इस वार्ड में सामान्य महिला के लिए आरक्षित इस वार्ड में चार महिलाओं ने नामांकन दाखिल किया। राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाईट के अनुसार चार में से तीन नामांकन कांग्रेस से और एक नामांकन निर्दलीय के रूप में दाखिल किया गया। इस वार्ड में भाजपा से किसी भी महिला ने नामांकन दाखिल ही नहीं किया गया है।

– तो सिंबल किसके नाम का?
शिवगंज नगर पालिका में नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन पार्टी का सिम्बल वहां के रिटर्निंग अधिकारी को जमा करवाने के लिए राजस्थान सरकार के पंचायत राज राज्यमंत्री ओटाराम देवासी और भाजपा की जिलाध्यक्ष रक्षा भंडारी साथ में पहुंचे थे। ओटाराम देवासी सिरोही के विधायक हैं। इसी सीट में शिवगंज नगर पालिका आती है। रक्षा भंडारी इसी शहर की निवासी है। निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर रात जारी नामों में भाजपा का नामांकन किसी ने दाखिल ही नहीं किया। तो अब सवाल उठने लगा है कि मंत्री और जिलाध्यक्ष इस नगर पालिका के 35 वार्डों में भाजपा के सिंबल के लिए सहमति पत्र लेकर रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष पहुंचे थे उनमें वार्ड संख्या 25 के सहमति पत्र में भाजपा ने किसका नाम लिखा था। नाम लिखा था या नहीं । और लिखा था तो किसका था।
-भाजपा ने छिपाया तो आयोग से हुआ छावा
सिरोही नगर पालिका के चुनावी इतिहास में सोमवार को वो हुआ जो पहले कभी नहीं हुआ। भाजपा ने सिरोही जिले की सिरोही नगर परिषद और शिवगंज नगर पालिका के अपने अधिकृत प्रत्याशियों की सूचि रात तीन बजे तक सार्वजनिक नहीं की। जबकि आबूरोड, पिण्डवाडा, माउण्ट आबू और मंडार निकायों के भाजपा के अधिकृत प्रत्याशियों की प्रदेश महामंत्री श्रवणसिंह बगडी के हस्ताक्षरशुदा सूची नामांकन समाप्त होने के पंद्रह मिनट बाद से ही वायरल होने लगी थी। भले ही शिवगंज में हुई गलती को छिपाने के लिए मंत्री और जिलाध्यक्ष समेत पर्यवेक्षकों ने इस सूची को भले ही जारी नहीं किया हो लेकिन, रात तक राज्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट से इसकी वजह सार्वजनिक हो गई।
– ये तीन नाम आए सामने
राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट के अनुसार शिवगंज नगर पालिका में वार्ड संख्या 25 से 4 महिलाओं के नामांकन दाखिल हुए। चम्पाबाई पत्नी फूलाराम ने कांग्रेस से, पूजा देवी पत्नी संजय सोनी ने निर्दलीय, सुथारों का वास निवासी सीमादेवी पत्नी जेसराम ने एक नामांकन निर्दलीय तथा एक कांग्रेस से दाखिल किया है। इस वार्ड में भाजपा के नाम से कोई नामांकन पत्र दाखिल नहीं हुआ है। ऐसे में भाजपा अपने सिम्बल पर यहां से किसी को भी चुनाव नहीं लडवा पाएगी। उसके पास सिर्फ एक सहारा बचा है वो है पूजा देवी। उन्हें भाजपा समर्थित प्रत्याशी घोषित करके ओटाराम देवासी और रक्षा भंडारी अपनी साख बचा सकते हैं।
-भाजपा के साथ कांग्रेस ने की जबरदस्त चोट!
ओटाराम देवासी सिरोही विधायक हैं रक्षा भंडारी शिवगंज की निवासी हैं। इसी शहर में कांग्रेस के पूर्व विधायक संयम लोढा भी रहते हैं। भाजपा और कांग्रेस की रणनीति और केंडीडेट तय करने की जिम्मेदारियां इन्हीं लोगों ने उठा रखी थी। दरअसल, भाजपा के पूर्व पार्षद रहे जेसाराम को सालों पहले पार्टी की रीति नीति की पालना नहीं करने के कारण छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था। इस निष्कासन के बाद करीब दो महीने पहले उन्हें फिर से भाजपा में स्वागत किया गया था। ऐसे में ये संभव नहीं है कि ओटाराम देवासी और रक्षा भंडारी इससे अनभिज्ञ रहे होंगे।
पार्टी सूत्रों के अनुसार इस वार्ड से जैसाराम की पत्नी को टिकिट देने की सहमति बनी थी। उन्हीं की पत्नी को सोमवार को नामांकन पत्र दाखिल करने को कहा था। सूत्रों के अनुसार भाजपा द्वारा शिवगंज नगर पालिका के रिटर्निंग अधिकारी के सामने पेश किए गए प्रत्याशी सहमति पत्र में वार्ड संख्या 25 के सहमति पत्र पर जेसाराम की पत्नी का ही नाम लिखा हुआ था। सिम्बल यानि सहमति पत्र देकर लौटने के बाद जब निर्वाचन अधिकारी ने सिम्बलों का नामांकन पत्र से मिलान किया होगा तो ये बात सामने आई होगी कि जेसाराम की पत्नी सीमादेवी ने तो अपना नामांकन पत्र कांग्रेस और निर्दलीय से दाखिल किया है। इससे सिरोही में भाजपा की जिम्मेदारी संभाले नेताओं के होश फाख्ता हो गए। अब ये माना जा रहा है कि संभवतः इसी कारण उन्होंने शिवगंज के अधिकृत प्रत्याशियों की सूची सार्वजनिक नहीं की।
-सिरोही में विरोध का डर
शिवगंज के साथ सिरोही नगर परिषद के 35 वार्डों के अधिकृत प्रत्याशियों की सूची पार्टी ने रात को ढाई बजे तक जारी नहीं की। सूत्रों के अनुसार इसकी मूल वजह ये मानी जा रही है कि कई वार्डों में कद्दावर नेताओं को टिकिट नहीं दिया गया। सूत्रों के अनुसार सिरोही सभापति के कई दावेदार थे। ऐसे में हर दावेदार को अपने पैनल के लोगों को ही टिकिट दिलवाने की होड थी। सूत्रों की मानें तो पैनल उन्हीं को मिले हैं जिनको बडे नेताओं के द्वारा पालिकाध्यक्ष बनाने की वरदहस्ती प्राप्त थी। ऐसे में बहुआयामी विरोधों के चलते सूची जारी करने से रूके हुए हैं। सूत्रों के अनुसार प्रबल विरोध जता सकने वाले कद्दावर नेताओं की मान मनौव्वल की कोशिशें भी की जा रही हैं।


