सवाई माधोपुर। महावर समाज की ओर से प्रतिभा सम्मान समारोह एवं युवक-युवती परिचय सम्मेलन का भव्य आयोजन सोमवार को रेलवे संस्थान (लोको), रेलवे स्टेशन सवाई माधोपुर में हुआ। समारोह में समाज की प्रतिभाओं का सम्मान करने के साथ सामाजिक कुरीतियों को दूर करने और नई पीढ़ी को बेहतर दिशा देने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में करीब 700 समाजबंधुओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भूरालाल महावर रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. धनराज महावर, कुलदीप सिंह महावर, राम प्रसाद महावर प्रदेश मंत्री आभाकोस, देवीलाल महावर, बाबूलाल महावर मंत्री अभकोस तथा लल्लूलाल जिला महामंत्री मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला महावर विकास संस्था के जिलाध्यक्ष बद्रीलाल महावर ने की।
78 प्रतिभाओं का हुआ सम्मान
समारोह में शिक्षा और सरकारी सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाले समाज के प्रतिभावान विद्यार्थियों एवं युवाओं को सम्मानित किया गया। सत्र 2025-26 में कक्षा 10वीं में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले 23 छात्र-छात्राओं, कक्षा 12वीं में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले 32 छात्र-छात्राओं तथा स्नातक एवं स्नातकोत्तर में 60 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले 8 छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।
इसके अलावा विभिन्न विभागों में नवनियुक्त 15 सरकारी कर्मचारी एवं अधिकारियों का भी सम्मान किया गया। इस तरह समारोह में कुल 78 प्रतिभाओं को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं।
64 युवक-युवतियों ने कराया परिचय
समारोह का प्रमुख आकर्षण युवक-युवती परिचय सम्मेलन रहा। इसमें 22 युवतियों और 42 युवकों, कुल 64 विवाह योग्य युवक-युवतियों ने मंच से अपना परिचय कराया। इस दौरान युवक-युवतियों के साथ उनके माता-पिता एवं परिजन भी मौजूद रहे। परिचय सम्मेलन के माध्यम से समाज के परिवारों को विवाह योग्य युवक-युवतियों के बारे में जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला। कार्यक्रम में सामाजिक स्तर पर विवाह संबंधों को अधिक सरल और व्यावहारिक बनाने को लेकर भी चर्चा हुई।
मृत्यु भोज बंद करने का आह्वान
जिलाध्यक्ष बद्रीलाल महावर ने समाजबंधुओं को संबोधित करते हुए कहा कि समाज को रूढ़ियों और कुरीतियों का अंधानुकरण करने के बजाय समय के साथ सकारात्मक बदलाव को स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने मृत्यु भोज जैसी सामाजिक कुरीति को पूरी तरह बंद करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज की आर्थिक एवं सामाजिक मजबूती के लिए अनावश्यक खर्चों पर रोक लगाकर शिक्षा, रोजगार और प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने की दिशा में आगे बढ़ना जरूरी है।
गोत्र मिलान को लेकर लिया निर्णय
विवाह संबंधों को लेकर सम्मेलन में गोत्र मिलान की परंपरा में बदलाव का भी निर्णय लिया गया। समाज की ओर से चार गोत्रों में नानी के गोत्र को हटाकर स्वयं, माता और दादी के गोत्र का ही मिलान करने का निर्णय लिया गया। इसे समाज में विवाह संबंधों को लेकर व्यावहारिक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया।
भामाशाहों का किया सम्मान
कार्यक्रम की शुरुआत में समाज के भामाशाहों का माला एवं साफा पहनाकर स्वागत-सत्कार किया गया। समाज की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और सामाजिक आयोजनों में सहयोग देने के लिए उनके योगदान की सराहना की गई।
कार्यक्रम को सफल बनाने में मूलचंद महावर, कंवरपाल महावर, ताराचंद महावर, सुरेंद्र महावर, भंवरलाल महावर, बल्लभ महावर, जगमोहन महावर, श्यामलाल महावर, राम प्रसाद महावर, रामस्वरूप महावर, भारत राजू महावर सहित अनेक समाजबंधुओं ने सहयोग किया।
मंच संचालन राजेंद्र कुमार महावर, घनश्यामलाल महावर एवं ओमप्रकाश महावर प्रदेश उपाध्यक्ष आभाकोस ने किया। कार्यक्रम के समापन पर समाजबंधुओं ने सामूहिक भोजन-प्रसादी ग्रहण की।




