अलवर। राजस्थान के अलवर में शनिवार देर रात हुए भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार तीन दोस्तों की मौत हो गई। तेज रफ्तार कार ने काली मोरी स्थित मोती नगर इलाके में उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार और बाइक नाले की करीब पांच फीट ऊंची दीवार से जा टकराए और दीवार क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में एक युवक उछलकर नाले में जा गिरा।
घटना के बाद मामला उस समय गरमा गया, जब मृतकों के परिजनों ने इसे सामान्य सड़क हादसा मानने से इनकार करते हुए पुरानी रंजिश के चलते तीनों की हत्या किए जाने का आरोप लगाया। पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
तीन दोस्तों की एक साथ मौत
पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान जितेंद्र सिंह उर्फ छोटू (22), युवराज उर्फ युवी (21) और हिमांशु (22) के रूप में हुई है। हादसा शनिवार रात अरावली विहार थाना क्षेत्र के मोती नगर में हुआ। प्रत्यक्ष जानकारी के मुताबिक टक्कर के बाद बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। कार भी नाले की दीवार से जा भिड़ी। तीनों घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हादसा या साजिश? परिजनों ने उठाए सवाल
घटना के बाद मृतकों के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि तीनों युवकों को पुरानी रंजिश के चलते जानबूझकर कार से कुचला गया। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि हादसे के बाद युवकों के सिर पर पत्थर से वार किए गए। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में मामला तेज रफ्तार के कारण हुआ सड़क हादसा प्रतीत हो रहा है, लेकिन परिजनों की शिकायत के बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया है।
कार छोड़कर फरार हुए सवार
पुलिस के मुताबिक हादसे में शामिल कार को मौके से जब्त कर लिया गया है। कार सचिन मीणा के नाम पर पंजीकृत बताई जा रही है। रिपोर्टों के अनुसार कार में चार-पांच युवक सवार थे और हादसे के बाद वे वाहन मौके पर छोड़कर फरार हो गए।
पुलिस अब कार में सवार लोगों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच कर रही है। हादसे के कारणों के साथ-साथ यह भी पता लगाया जा रहा है कि दुर्घटना से पहले बाइक और कार के बीच कोई विवाद या पीछा करने जैसी स्थिति तो नहीं थी।
जिला अस्पताल के बाहर धरने पर बैठे परिजन
रविवार सुबह तीनों मृतकों के परिजन और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जिला अस्पताल के बाहर जमा हो गए। लोगों ने हत्या का आरोप लगाते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की। विरोध के दौरान परिजनों ने शव लेने से भी इनकार कर दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और तीन थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत कर स्थिति संभालने का प्रयास किया।
पुलिस के सामने दोहरी चुनौती
एक ओर पुलिस को भीषण हादसे की तकनीकी जांच करनी है, वहीं दूसरी ओर परिजनों द्वारा लगाए गए हत्या के आरोपों की भी पड़ताल करनी होगी। पुलिस वाहन की स्थिति, घटनास्थल, प्रत्यक्षदर्शियों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। फिलहाल तीन युवकों की मौत के बाद इलाके में आक्रोश है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि यह तेज रफ्तार का सड़क हादसा था या इसके पीछे किसी तरह की साजिश अथवा रंजिश थी।



