अजमेर मेयर चुनाव : कांग्रेस प्रत्याशी किरण गढ़वाल का नामांकन वैध, भाजपा की आपत्ति खारिज

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19.18 लाख रुपए के कथित निगम बकाया को लेकर भाजपा प्रत्याशी अनामिका शर्मा ने जताई थी आपत्ति
अजमेर। अजमेर नगर निगम के महापौर चुनाव में गुरुवार को नामांकन पत्रों की जांच के दौरान चला विवाद निर्वाचन अधिकारी के फैसले के साथ समाप्त हो गया। कांग्रेस प्रत्याशी किरण गढ़वाल के नामांकन पर भाजपा प्रत्याशी अनामिका शर्मा की ओर से लगाई गई आपत्ति को निर्वाचन अधिकारी ने खारिज कर दिया। इसके साथ ही किरण गढ़वाल का नामांकन वैध माना गया है और वह महापौर चुनाव के मैदान में बनी हुई हैं। इस बीच दिनभर निग कार्यालय में भाजपा और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं व समर्थकों का जमावडा लगा रहा। सोशल मीडिया में भी कयासों के दौर चलते रहे।

नामांकन जांच के दौरान भाजपा की ओर से आरोप लगाया गया था कि किरण गढ़वाल से जुड़े गढ़वाल पैलेस पर नगर निगम की 19 लाख 18 हजार 628 रुपए की राशि बकाया है। भाजपा प्रत्याशी अनामिका शर्मा ने इस बकाया राशि का उल्लेख करते हुए नामांकन पर आपत्ति दर्ज कराई थी। भाजपा पक्ष ने राजस्थान नगरपालिका अधिनियम की धारा 24 का हवाला देते हुए नामांकन निरस्त करने की मांग की थी।

आपत्ति के दौरान भाजपा शहर जिलाध्यक्ष रमेश सोनी, पार्टी पदाधिकारी और अधिवक्ता भी नगर निगम पहुंचे। मामले को लेकर निगम परिसर में दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच नारेबाजी भी हुई और सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात किया गया।

निर्वाचन अधिकारी ने क्या कहा?

निर्वाचन अधिकारी अनिल कुमार पुनिया ने दोनों पक्षों की दलीलें और प्रस्तुत दस्तावेज देखने के बाद भाजपा की आपत्ति को नामांकन जांच के स्तर पर स्वीकार योग्य नहीं माना। आदेश में किरण गढ़वाल को वार्ड संख्या 57 की विधिवत निर्वाचित पार्षद बताते हुए संबंधित निर्वाचन नियमों का उल्लेख किया गया।

निर्णय में यह भी स्पष्ट किया गया कि आपत्तिकर्ता संबंधित मुद्दे को लेकर कानून में उपलब्ध अन्य प्रावधानों के तहत अलग से कार्रवाई कर सकता है। यानी निर्वाचन अधिकारी के फैसले का दायरा नामांकन की जांच तक रहा और बकाया राशि से जुड़े विवाद पर कोई अलग अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं दिया गया।

कांग्रेस पक्ष ने दी थी यह सफाई

वहीं कांग्रेस प्रत्याशी किरण गढ़वाल के पति दिलीप गढ़वाल ने भाजपा की आपत्ति पर सफाई देते हुए कहा था कि नगर निगम से एनओसी प्राप्त की गई है। उनके अनुसार एनओसी जारी होने से पहले निगम की ओर से बताई गई राशि जमा कराई गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि जिस बड़ी बकाया राशि का भाजपा की ओर से उल्लेख किया जा रहा है, उससे संबंधित मामले में स्टे प्रभावी है।

निर्वाचन अधिकारी के फैसले के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने खुशी जताई। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा की आपत्ति को लेकर राजनीतिक आरोप भी लगाए, जबकि भाजपा की ओर से उठाया गया मूल मुद्दा निगम की कथित बकाया राशि और नामांकन में उसके उल्लेख से संबंधित था।

अब 21 सितंबर को होगा मेयर का चुनाव

अजमेर नगर निगम में कुल 80 वार्ड हैं। हालिया चुनाव परिणाम में कांग्रेस को 37, भाजपा को 32 और 11 निर्दलीय पार्षदों को जीत मिली है। किसी भी प्रमुख दल के पास अपने दम पर 41 का बहुमत नहीं है, इसलिए महापौर चुनाव में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है।

फिलहाल कांग्रेस की ओर से किरण गढ़वाल और भाजपा की ओर से अनामिका शर्मा मैदान में हैं। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम तस्वीर स्पष्ट होगी। महापौर पद के लिए 21 सितंबर को पार्षद मतदान करेंगे और इसी दिन परिणाम घोषित किया जाना है।