कोलकाता। पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को अपने पत्ते खोल दिए। पार्टी ने नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। भाजपा ने नंदीग्राम से हसिरानी रथ और रेजीनगर से शखरव सरकार को चुनाव मैदान में उतारा है।
भाजपा की ओर से जारी उम्मीदवारों की सूची के मुताबिक नंदीग्राम की सीट पर हसिरानी रथ की उम्मीदवारी को महत्वपूर्ण राजनीतिक कदम माना जा रहा है। हसिरानी रथ, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पूर्व निजी सहयोगी रहे चंद्रनाथ रथ की मां हैं। चंद्रनाथ रथ की मई में विधानसभा चुनाव परिणाम आने के कुछ दिनों बाद गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले की जांच अब सीबीआई कर रही है।
नंदीग्राम में भावनात्मक मुद्दे के साथ मैदान में BJP
हसिरानी रथ को टिकट देकर भाजपा ने नंदीग्राम में राजनीतिक मुकाबले को भावनात्मक रंग भी दे दिया है। चंद्रनाथ रथ को शुभेंदु अधिकारी का करीबी सहयोगी माना जाता था। उनकी हत्या के बाद यह मामला राज्य की राजनीति में भी चर्चा का विषय रहा है। ऐसे में भाजपा का यह उम्मीदवार चयन चुनाव प्रचार के दौरान कानून-व्यवस्था और राजनीतिक हिंसा जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता दे सकता है।
रेजीनगर में पूर्व जिलाध्यक्ष पर भरोसा
भाजपा ने रेजीनगर विधानसभा सीट से शखरव सरकार को उम्मीदवार बनाया है। सरकार मुर्शिदाबाद जिले में भाजपा के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं और पार्टी की राज्य समिति के सदस्य भी हैं। पार्टी के संगठनात्मक अनुभव को देखते हुए भाजपा ने इस सीट पर उन पर भरोसा जताया है।
6 अक्टूबर को मतदान, 9 अक्टूबर को नतीजे
पश्चिम बंगाल की इन दोनों विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा, जबकि 9 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी। नंदीग्राम सीट शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। अधिकारी ने 2026 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी और बाद में नंदीग्राम सीट छोड़ दी थी। वहीं रेजीनगर सीट हुमायूं कबीर के इस्तीफे के कारण रिक्त हुई।
मुकाबला हुआ बहुकोणीय
इन दोनों सीटों पर मुकाबला पहले ही दिलचस्प हो चुका है। तृणमूल कांग्रेस के मुख्य धड़े ने नंदीग्राम से संचिता प्रधान डे और रेजीनगर से रबीउल आलम चौधरी को मैदान में उतारा है। वहीं तृणमूल के बागी धड़े ने भी दोनों सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित किए हैं। कांग्रेस और वाम मोर्चा भी उम्मीदवार उतार चुके हैं। इससे दोनों विधानसभा क्षेत्रों में मुकाबला बहुकोणीय होने के आसार हैं।
नंदीग्राम पहले से ही पश्चिम बंगाल की सबसे चर्चित राजनीतिक सीटों में शामिल रहा है। अब उपचुनाव में भाजपा के उम्मीदवार चयन, टीएमसी के भीतर चल रही खींचतान और विपक्षी दलों की अलग-अलग रणनीति के बीच यहां का मुकाबला राज्य की राजनीति के लिए खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



