अजमेर। उत्तर-पश्चिम रेलवे के अजमेर मंडल में 17 सितंबर से ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान एवं स्वच्छता पखवाड़ा-2026’ की शुरुआत की गई। रेलवे बोर्ड के निर्देशों के तहत चलाए जा रहे इस अभियान की इस वर्ष की थीम ‘स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ रखी गई है। अभियान 2 अक्टूबर, स्वच्छ भारत दिवस तक विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से जारी रहेगा और इसके बाद भी निर्धारित कार्ययोजनाओं के तहत गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
अभियान के पहले दिन अजमेर मंडल कार्यालय के साथ अजमेर, भीलवाड़ा, उदयपुर, आबू रोड, मावली जंक्शन, मारवाड़ जंक्शन, ब्यावर और डूंगरपुर सहित विभिन्न रेलवे स्टेशनों, रेल कॉलोनियों, विद्यालयों एवं अन्य संस्थानों में स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किए गए। रेल अधिकारियों, कर्मचारियों और सफाईकर्मियों को स्वच्छता बनाए रखने की शपथ दिलाई गई।
अजमेर मंडल कार्यालय में मंडल रेल प्रबंधक राजू भूतड़ा ने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में अपर मंडल रेल प्रबंधक विकास बूरा, वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (पर्यावरण एवं गृह सज्जा) मनोज मीणा सहित बड़ी संख्या में रेल अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
स्वच्छता अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने के लिए मंडल रेल प्रबंधक सहित अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्वच्छता सेल्फी स्टैंड पर सेल्फी भी ली। वहीं रेलवे स्टेशनों पर पैम्फलेट बांटकर और पीए सिस्टम के जरिए यात्रियों को साफ-सफाई बनाए रखने के लिए जागरूक किया गया।
कचरा प्रबंधन की तकनीक भी दिखाई
अभियान के दौरान रेलकर्मियों और संबंधित लोगों को आधुनिक अपशिष्ट प्रबंधन तकनीकों की जानकारी देने के लिए ‘स्वच्छता ज्ञान यात्रा’ आयोजित की गई। इसके तहत विभिन्न अपशिष्ट शोधन संयंत्रों, बायोगैस प्लांट, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन इकाइयों और बायो-टॉयलेट सर्विसिंग केंद्रों का अवलोकन कराया गया। मदार एवं उदयपुर कोचिंग डिपो की कोच वॉशिंग लाइनों तथा जल पुनर्चक्रण संयंत्रों की कार्यप्रणाली से भी अवगत कराया गया।
जल संरक्षण पर भी जोर
अजमेर मंडल के विभिन्न रेलवे स्टेशनों और रेल कॉलोनियों में ‘स्वच्छता एवं जल संचय संवाद’ भी आयोजित किए गए। अधिकारियों और पर्यावरण पर्यवेक्षकों के नेतृत्व में हुए इन कार्यक्रमों में कर्मचारियों तथा स्थानीय निवासियों को गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने, जल संरक्षण तथा वर्षा जल संचयन के महत्व की जानकारी दी गई।




