अमित शाह का विपक्ष पर हमला, बोले- अगले 30 साल तक सरकार बनाने का मौका नहीं मिलेगा

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नई दिल्ली। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने विपक्षी दलों की चुनावी रणनीति और ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि नकारात्मक राजनीति के चलते विपक्ष को अगले 30 साल तक सत्ता में आने का अवसर नहीं मिलेगा। गुरुवार को दिल्ली में यमुना पुनरुद्धार और जल-सीवरेज व्यवस्था से जुड़ी ₹8,941 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं के उद्घाटन एवं शिलान्यास कार्यक्रम में उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को भी निशाने पर लिया।

शाह ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल चुनाव हारने के बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम), मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हैं, जबकि जीत मिलने पर इन्हीं व्यवस्थाओं को स्वीकार कर लेते हैं। उनके मुताबिक, चुनाव में जनता का समर्थन हासिल करने के बजाय विरोध प्रदर्शन और आरोपों के सहारे जनादेश को चुनौती देने की कोशिश की जा रही है।

‘हार के बाद ईवीएम और वोट चोरी का मुद्दा उठाते हैं’

अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को अपनी चुनावी हार के कारणों पर आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने केरल, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश सहित उन राज्यों का उल्लेख किया, जहां विपक्षी दलों को चुनावी सफलता मिली है। शाह ने सवाल उठाया कि जिन चुनावों में विपक्ष जीतता है, वहां चुनाव प्रक्रिया पर सवाल क्यों नहीं उठाए जाते और हारने पर चुनाव आयोग तथा मतदाता सूची को लेकर आपत्ति क्यों की जाती है।

उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष को जनता के बीच जाकर अपने काम और नीतियों के आधार पर समर्थन जुटाना चाहिए। शाह ने यह भी आरोप लगाया कि ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाकर विपक्ष घुसपैठियों के मताधिकार को बचाने की कोशिश कर रहा है। ये आरोप भाजपा नेता की राजनीतिक प्रतिक्रिया का हिस्सा हैं; विपक्ष चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूचियों को लेकर अपनी ओर से अलग-अलग आपत्तियां उठाता रहा है।

प्रदर्शन से नहीं बदलेगा जनता का जनादेश

शाह ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार बनाने का रास्ता जनता के विश्वास से होकर गुजरता है। राजनीतिक दलों को बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने, लोगों की समस्याएं सुनने और उनका समाधान करने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल दूसरे राज्यों से कार्यकर्ताओं को जुटाकर दिल्ली में प्रदर्शन करने के जरिए चुनावी नतीजों पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

उन्होंने भाजपा के संगठनात्मक ढांचे का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर बूथ स्तर तक जनता के बीच रहकर काम करते हैं। शाह के अनुसार, चुनाव जीतने के लिए राजनीतिक दलों को जनता से सीधा संवाद करना चाहिए, न कि धरना-प्रदर्शन और आरोप-प्रत्यारोप को मुख्य रणनीति बनाना चाहिए।

केजरीवाल और पंजाब की राजनीति पर भी निशाना

गृह मंत्री ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल पंजाब में राजनीतिक गतिविधियों में व्यस्त हैं और राज्य सरकार के कामकाज में हस्तक्षेप कर रहे हैं। शाह ने पंजाब में नशे के कारोबार को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार की आलोचना की और दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में राज्य की जनता भाजपा को मौका देगी।

उन्होंने कहा कि भाजपा वर्ष 2029 तक पंजाब से नशे के कारोबार को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। पंजाब में नशे की समस्या और उससे निपटने के सरकार के प्रयासों को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।

यमुना की सफाई के लिए 43 परियोजनाओं की शुरुआत

राजनीतिक बयानबाजी के साथ शाह ने दिल्ली में यमुना को प्रदूषणमुक्त बनाने के लिए चल रही योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने पिछली दिल्ली सरकारों पर नदी की सफाई और सीवरेज व्यवस्था को लेकर पर्याप्त काम नहीं करने का आरोप लगाया। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर यमुना के पुनरुद्धार के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की गई है और केंद्र के साथ दिल्ली, हरियाणा तथा उत्तर प्रदेश की सरकारें इस दिशा में काम कर रही हैं।

कार्यक्रम में दिल्ली जल बोर्ड की कुल 43 परियोजनाओं से जुड़ी पहल की गई। इनमें ₹2,827.11 करोड़ की लागत वाली 10 परियोजनाओं का उद्घाटन और ₹6,114.11 करोड़ की 33 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। इनका उद्देश्य सीवेज शोधन क्षमता बढ़ाना, नई सीवर लाइनें बिछाना, जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाना और बिना शोधन वाला गंदा पानी यमुना में जाने से रोकना है।

प्रमुख योजनाओं में ओखला में 124 मिलियन गैलन प्रतिदिन क्षमता वाला सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, मौजूदा आठ सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का उन्नयन, बाहरी दिल्ली में विकेंद्रीकृत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और पंपिंग स्टेशन स्थापित करना तथा लगभग 1,034 किलोमीटर लंबा सीवर नेटवर्क विकसित करना शामिल है।

मई 2029 तक यमुना को स्वच्छ बनाने का लक्ष्य

शाह ने भरोसा जताया कि यमुना को स्वच्छ बनाने का लक्ष्य मई 2029 से पहले हासिल कर लिया जाएगा। परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य नदी में पहुंचने वाले अनुपचारित सीवेज को रोकना और अपशिष्ट जल का शोधन सुनिश्चित करना है। इन योजनाओं के पूरा होने से दिल्ली के बड़े हिस्से में सीवरेज और जल प्रबंधन की सुविधाओं में सुधार होने की उम्मीद है।

हालांकि, परियोजनाओं की घोषणा और शिलान्यास के बाद उनकी समयबद्ध पूर्णता, सीवेज का प्रभावी शोधन और यमुना के पानी की गुणवत्ता में वास्तविक सुधार अहम होंगे। नदी की सफाई के परिणामों का आकलन कार्यों की प्रगति और प्रदूषण के स्तर में आने वाले बदलाव से किया जा सकेगा।

अमित शाह के भाषण में एक ओर विपक्ष की चुनावी राजनीति पर तीखे हमले रहे, वहीं दूसरी ओर यमुना की सफाई को लेकर केंद्र और संबंधित राज्य सरकारों की योजनाओं को प्रमुखता दी गई। विपक्ष के लिए अगले 30 साल तक सत्ता में नहीं आने की उनकी टिप्पणी ने राजनीतिक बयानबाजी को और तेज कर दिया है।