दो माह से वेतन नहीं मिलने पर भड़के कर्मचारी
अजमेर। संभाग के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल जवाहरलाल नेहरू (जेएलएन) चिकित्सालय में संविदा सफाई कर्मचारियों ने बकाया वेतन की मांग को लेकर गुरुवार से अनिश्चितकालीन कामबंद हड़ताल शुरू कर दी। दो महीने से मानदेय नहीं मिलने से नाराज कर्मचारी अस्पताल के आपातकालीन विभाग के बाहर एकत्र हुए और अस्पताल प्रशासन तथा ठेकेदार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि बकाया भुगतान होने तक वे काम पर नहीं लौटेंगे।
छह हजार रुपए मानदेय, वह भी समय पर नहीं
प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें हर महीने महज छह हजार रुपए मानदेय मिलता है। इतनी कम राशि में परिवार का खर्च चलाना पहले ही मुश्किल है और अब लगातार दो महीने का भुगतान अटकने से उनकी आर्थिक परेशानियां बढ़ गई हैं।
प्रदर्शन में शामिल महिला कर्मचारी अनीता ने बताया कि महीने की 29 तारीख हो जाने के बावजूद मानदेय नहीं मिला। कर्मचारियों के अनुसार, भुगतान के लिए उन्हें मेट्रन कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। कभी हस्ताक्षर तो कभी बायोमीट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया का हवाला देकर भुगतान में देरी की जा रही है। कर्मचारियों ने त्योहार के समय भी वेतन नहीं मिलने पर नाराजगी जताई।
सुपरवाइजरों का भी छह महीने का भुगतान बकाया
सफाई कर्मचारियों के आंदोलन को सुपरवाइजरों का भी समर्थन मिला है। सुपरवाइजरों का कहना है कि उनका पिछले छह महीने का भुगतान लंबित है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार ने त्योहार से पहले बकाया राशि जारी करने का आश्वासन दिया था, लेकिन भुगतान नहीं हुआ।
कर्मचारियों के मुताबिक, ठेकेदार अस्पताल प्रशासन से भुगतान नहीं मिलने की बात कह रहा है, जबकि भुगतान की जिम्मेदारी को लेकर दोनों पक्षों के बीच स्थिति स्पष्ट नहीं हो रही। इससे कर्मचारियों को अपने ही मेहनताने के लिए परेशान होना पड़ रहा है। नाराज सुपरवाइजरों ने ठेकेदार को लिखित इस्तीफे सौंपने की बात भी कही है।
सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका
अस्पताल में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से वार्डों और परिसर की स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। अस्पताल में भर्ती मरीजों, उनके परिजनों और आपातकालीन सेवाओं के लिए स्वच्छता बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में आंदोलन लंबा खिंचने पर अस्पताल प्रबंधन के सामने सफाई व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती बढ़ सकती है।
इससे पहले भी जेएलएन अस्पताल के संविदा कर्मचारियों ने वेतन और अन्य श्रमिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं उठाई थीं। अक्टूबर में सामने आई एक अन्य रिपोर्ट में अस्पताल के ठेका कर्मचारियों के दो महीने के वेतन और भविष्य निधि (PF) अंशदान से संबंधित शिकायतों का भी उल्लेख किया गया था। हालांकि, सफाई कर्मचारियों की मौजूदा हड़ताल और अन्य संविदा कर्मचारियों की शिकायतों की स्थिति अलग-अलग हो सकती है।
भुगतान होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
सफाई कर्मचारियों ने अस्पताल प्रशासन और संबंधित ठेकेदार से बकाया मानदेय का जल्द भुगतान कराने की मांग की है। उनका कहना है कि वे नियमित रूप से अस्पताल में सफाई का काम करते हैं, लेकिन समय पर वेतन नहीं मिलने से घर चलाना मुश्किल हो रहा है।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक दो महीने का पूरा बकाया मानदेय नहीं मिल जाता, तब तक उनकी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। अब देखना होगा कि अस्पताल प्रशासन और ठेका एजेंसी इस विवाद का समाधान निकालने तथा अस्पताल की सफाई व्यवस्था सामान्य बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाते हैं।



