अजमेर में प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण, पैकिंग लाइसेंस नहीं मिलने पर 5000 और धर्मकांटे के सत्यापन पर 10000 जुर्माना

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अजमेर। उपभोक्ताओं को सही मात्रा में वस्तुएं उपलब्ध कराने और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में माप-तौल संबंधी नियमों की पालना सुनिश्चित करने के लिए उपभोक्ता मामले विभाग ने बुधवार को औचक निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान पैकेज कमोडिटी नियम, 2011 और विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 के तहत विभिन्न औद्योगिक एवं व्यापारिक प्रतिष्ठानों की जांच की गई। नियमों में खामी मिलने पर दो प्रतिष्ठानों पर कुल 15 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया।

सहायक नियंत्रक भावना दयाल ने निरीक्षण के दौरान पैकेटों पर अंकित शुद्ध मात्रा, उपभोक्ताओं के लिए आवश्यक घोषणाओं और माप-तौल उपकरणों के सत्यापन की जांच की। कार्रवाई का उद्देश्य बाजार में उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना और व्यापारिक गतिविधियों में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करना रहा।

पैकिंग लाइसेंस नहीं मिलने पर कार्रवाई

निरीक्षण के दौरान सराधना स्थित राहुल एग्रो इंडस्ट्रीज में पैकेटों की शुद्ध मात्रा की जांच की गई। जांच में नेट कंटेंट यानी घोषित वजन सही पाया गया। पैकेटों पर आवश्यक सूचनाएं भी अंकित मिलीं। हालांकि, प्रतिष्ठान के पास पैकिंग लाइसेंस नहीं मिलने पर विभाग ने पैकेज कमोडिटी नियम, 2011 के तहत पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया।

धर्मकांटे का सत्यापन नहीं मिला

समरूई ट्रेडर्स के यहां निरीक्षण के दौरान धर्मकांटे का निर्धारित सत्यापन नहीं पाया गया। इसे विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 का उल्लंघन मानते हुए विभाग ने 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया, जिसे ऑनलाइन जमा करवाया गया। प्रतिष्ठान को सात दिन के भीतर आवेदन कर धर्मकांटे का सत्यापन करवाने के लिए पाबंद किया गया।

दो प्रतिष्ठानों में व्यवस्थाएं मिलीं सही

अभियान के तहत हारूमल इंडस्ट्रीज और राजपुरोहित डेयरी का भी निरीक्षण किया गया। यहां पैकेटों में वस्तुओं की शुद्ध मात्रा सही मिली और उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सूचनाएं नियमानुसार अंकित पाई गईं। दोनों प्रतिष्ठानों में इलेक्ट्रॉनिक कांटों का सत्यापन भी अद्यतन मिला।

विभाग की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि पैकेटबंद वस्तुओं पर जरूरी जानकारी अंकित करना, पैकिंग लाइसेंस संबंधी प्रावधानों का पालन करना और माप-तौल उपकरणों का वैध सत्यापन करवाना व्यापारिक प्रतिष्ठानों के लिए आवश्यक है। नियमों की अनदेखी पर संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

अजमेर में इससे पहले भी विधिक माप विज्ञान विभाग के निरीक्षण अभियानों में तौल उपकरणों के सत्यापन और पैकेटबंद वस्तुओं के नियमों की जांच की गई थी। अक्टूबर में विभाग ने अलग-अलग कार्रवाइयों के दौरान असत्यापित तौल उपकरणों और अन्य अनियमितताओं पर जुर्माना लगाया था।