जयपुर में EPFO का प्रवर्तन अधिकारी एक लाख रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट, ACB ने रंगे हाथों दबोचा

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जयपुर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बुधवार को जयपुर में कार्रवाई करते हुए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के प्रवर्तन अधिकारी सोनू मौर्य को एक लाख रुपए की कथित रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोप है कि अधिकारी ने एक निजी फर्म के कर्मचारियों का भविष्य निधि (PF) जमा नहीं कराने से जुड़े मामले में कार्रवाई नहीं करने के बदले फर्म संचालक से दो लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी।

ACB के पुलिस महानिदेशक गोविन्द गुप्ता के अनुसार, जयपुर नगर चतुर्थ स्थित ACB चौकी को परिवादी ने शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि उसकी फर्म में कार्यरत कर्मचारियों का PF जमा नहीं कराने के मामले में उसके खिलाफ FIR दर्ज नहीं करने और बैंक खाते फ्रीज नहीं करने की एवज में EPFO के प्रवर्तन अधिकारी सोनू मौर्य रिश्वत की मांग कर रहे हैं।

शिकायत का सत्यापन कर बिछाया जाल

शिकायत मिलने के बाद ACB ने रिश्वत मांग की पुष्टि के लिए उसका सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान आरोपी अधिकारी की ओर से एक लाख रुपये की रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद ब्यूरो की टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना बनाई।

बुधवार को आरोपी ने परिवादी की फर्म के चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की मौजूदगी में सह-परिवादी से एक लाख रुपये प्राप्त किए। इसी दौरान पहले से तैयार ACB टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। टीम ने रिश्वत की पूरी राशि भी बरामद कर ली।

वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में हुई कार्रवाई

यह ट्रैप कार्रवाई ACB उप महानिरीक्षक ओमप्रकाश मीणा के सुपरविजन में की गई। जयपुर नगर चतुर्थ चौकी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार गुप्ता के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। ACB की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और पुलिस महानिरीक्षक एस. परिमला के सुपरविजन में आरोपी से पूछताछ तथा आगे की कार्रवाई जारी है।

अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में

ACB इस मामले में यह भी पता लगा रही है कि रिश्वत मांगने और लेने की कथित प्रक्रिया में किसी अन्य अधिकारी, कर्मचारी या बाहरी व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे अनुसंधान किया जाएगा। इस कार्रवाई के बाद EPFO से जुड़े मामले में भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच तेज हो गई है। हालांकि, आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच के निष्कर्षों के बाद ही होगी।